अल्मोड़ा, 16 दिसम्बर 2025।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अल्मोड़ा के तत्वावधान में विजय दिवस की 54वीं वर्षगांठ शहीद स्मारक, छावनी क्षेत्र अल्मोड़ा में भव्य एवं गरिमामय रूप से मनाई गई। इस अवसर पर शहीदों की अमर स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। गैरीसन अल्मोड़ा की सैन्य टुकड़ी के जवानों द्वारा शहीदों को सलामी दी गई तथा उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।
समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा एवं मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके त्याग व बलिदान को नमन किया।
उल्लेखनीय है कि दिसम्बर 1971 में भारत–पाकिस्तान के बीच हुए ऐतिहासिक युद्ध में भारतीय सेना ने मात्र 14 दिनों में पाकिस्तानी सेना को पराजित कर विजय प्राप्त की थी। इस युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया। अनेक वीर सैनिकों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी तथा कई जांबाज़ घायल हुए। इसी ऐतिहासिक विजय की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 16 दिसम्बर को विजय दिवस मनाया जाता है। इस युद्ध के परिणामस्वरूप एक नए राष्ट्र बांग्लादेश का उदय हुआ। गर्व की बात है कि इस युद्ध में अल्मोड़ा जनपद के 25 जवान शहीद हुए थे।
कार्यक्रम में प्रभारी कमान अधिकारी, गैरीसन अल्मोड़ा लेफ्टिनेंट कर्नल एन.वी. शुक्ला (शौर्य चक्र), गैरीसन के सैन्य अधिकारी, सूबेदार मेजर दलजीत सिंह एवं जवान, पूर्व सैनिक लीग अध्यक्ष, जनपद स्तरीय अधिकारी तथा सैनिक कल्याण विभाग अल्मोड़ा के सहायक अधिकारी नरेन्द्र सिंह, प्रशासनिक अधिकारी विजय शंकर, महेन्द्र सिंह मेहरा, राजकुमार बिष्ट, कैलाश चन्द्र काण्डपाल, हेमन्त लाल वर्मा, देवेन्द्र कुमार, चम्पा देवी सहित पूर्व सैनिक लीग के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां, एनसीसी कैडेट एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समारोह का समापन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने के संकल्प के साथ किया गया।






