उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में 76 वां गणतंत्र दिवस अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित किया।
ध्वजारोहण से पूर्व माननीय कुलपति ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित शौर्य दीवार पर जाकर राष्ट्र के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके बलिदान को नमन किया।
अपने संबोधन में प्रो. लोहनी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों का समग्र दर्शन है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ तभी साकार होता है जब हम अपने व्यवहार, विचार और कार्यशैली में लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करें।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार की लोकतांत्रिक व्यवस्था हम अपने लिए अपेक्षित करते हैं, वही व्यवस्था हमें दूसरों के लिए भी अपनानी चाहिए। सहकर्मियों एवं अधीनस्थों के साथ समानता, सम्मान और सहयोग की भावना से व्यवहार करना लोकतंत्र की सच्ची पहचान है।
कुलपति ने विश्वविद्यालय परिवार से संविधान में निहित मूलभूत मूल्यों—स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व—को अपने आचरण में उतारने का आह्वान किया, जिससे विश्वविद्यालय में एक स्वस्थ, समावेशी एवं सशक्त कार्य संस्कृति का निर्माण हो सके।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री खेमराज भट्ट, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





