उप्राड़ी छबोलाछना निवासी खीमराम की सात महीने की मासूम लक्षिता की गुरुवार सुबह घर के भीतर चूल्हे की आग में जलने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्ची की मां सुबह छः बजे उठने के बाद चूल्हे में आग जलाकर अपनी बच्ची को चूल्हे के पास सोता छोड़कर गौंसाले में जानवरों को घास देने चली गई। जब गौंसाले से लौटकर घर पहुंची तो उसकी सात महीने की मासूम बच्ची चूल्हे की आग से बुरी तरह झुलस चुकी थी। बच्ची का पिता खीम राम बगल के कमरे में ही सो रहा था लेकिन पिता भी बच्ची की चीख नहीं सुन सका बच्ची की मां ने गौशाले से लौटने पर जब बच्ची की हालत देखी तो घर में चीख पुकार मच गई। जिसके बाद गांव व पड़ोसियों की सहायता से बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देघाट लाया गया जहां डाक्टर एसके विश्वास ने प्राथमिक उपचार कर बच्ची को सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी के लिए रैफर कर दिया । जिसके बाद 108 की मदद से बच्ची को हल्द्वानी ले जाया जा रहा था। लेकिन बच्ची ने रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।






