Monday, January 12, 2026
Devbhoomi News service
Advertisement
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • ज्योतिष
  • धार्मिक
  • खेल
  • मौसम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • रोजगार
  • कृषि
  • व्यापार
No Result
View All Result
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • ज्योतिष
  • धार्मिक
  • खेल
  • मौसम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • रोजगार
  • कृषि
  • व्यापार
No Result
View All Result
Devbhoomi News service
No Result
View All Result

January 8, 2026

रेशम उत्पादन से आत्मनिर्भर बनीं ग्राम दशौली की चम्पा देवी सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहयोग से बदली किस्मत, बनीं महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत

News Deskby News Desk
in उत्तराखंड, रोजगार, शिक्षा
0
रेशम उत्पादन से आत्मनिर्भर बनीं ग्राम दशौली की चम्पा देवी  सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहयोग से बदली किस्मत, बनीं महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत
Spread the love

अल्मोड़ा, 4 जनवरी 2026

जनपद अल्मोड़ा के विकासखंड भिकियासैंण अंतर्गत ग्राम दशौली की निवासी चम्पा देवी, पत्नी मदन सिंह, ने रेशम उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता अर्जित कर आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल पेश की है। उनकी यह उपलब्धि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, मनरेगा तथा रेशम विभाग के सतत तकनीकी सहयोग का प्रतिफल है, जिसने ग्रामीण महिला को स्वरोजगार की मजबूत राह दिखाई है।

रेशम विभाग के सहायक निदेशक संजय कला ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2019–20 में चम्पा देवी द्वारा 300 शहतूत वृक्षों का रोपण किया गया। प्रथम वर्ष में विभाग द्वारा 300 शहतूत पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए गए, जबकि द्वितीय वर्ष में 150 अतिरिक्त पौधे प्रदान किए गए। चम्पा देवी ने वैज्ञानिक पद्धति से पौधों का संरक्षण करते हुए सिंचाई, निराई-गुड़ाई, जैविक खाद का प्रयोग तथा समय-समय पर छंटाई (प्रूनिंग) कर शहतूत की गुणवत्ता को उत्कृष्ट स्तर तक पहुँचाया।

मनरेगा योजना के अंतर्गत उन्हें ₹14,000 की मजदूरी भी प्राप्त हुई। शहतूत पौधों की बेहतर स्थिति को देखते हुए वर्ष 2020–21 में उनका चयन मनरेगा एवं सीडीपी-मनरेगा योजना के तहत किया गया, जिसके अंतर्गत रेशम कीटपालन भवन निर्माण हेतु ₹90,000 की अनुदान राशि प्रदान की गई।

वर्ष 2022–23 में कीटपालन भवन के निर्माण के पश्चात रेशम विभाग द्वारा कीटपालन से संबंधित आवश्यक उपकरण जैसे ट्रे, माउंटेज, रैक, चॉपिंग नाइफ आदि उपलब्ध कराए गए। शहतूत पत्तियों की पर्याप्त उपलब्धता के कारण उन्हें नियमित रूप से रेशम कीट ट्रे प्राप्त होती हैं, जिससे वे वर्ष में दो बार कीटपालन कर ₹15,000 से ₹18,000 तक का रेशम कोया उत्पादन कर रही हैं। उत्पादित रेशम कोया विभाग के माध्यम से विक्रय किया जाता है, जिसके बदले उन्हें तत्काल भुगतान भी प्राप्त होता है।

विगत वर्षों में उनके रेशम कोया उत्पादन में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, ग्राम दशौली की 26 अन्य महिलाएं भी इस गतिविधि से जुड़कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं, जिससे गांव में महिला सहभागिता और आत्मनिर्भरता को नया बल मिला है।

रेशम उत्पादन के साथ-साथ शहतूत की पत्तियों का उपयोग पशु चारे के रूप में भी किया जा रहा है, जिससे पशुओं में प्रोटीन की मात्रा बढ़ी है और दूध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

चम्पा देवी का कहना है कि रेशम उत्पादन से उन्हें न केवल आर्थिक संबल मिला है, बल्कि वे अपने परिवार के लिए सम्मानजनक जीवन यापन सुनिश्चित कर पा रही हैं। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार एवं रेशम विभाग का आभार व्यक्त करते हुए अन्य महिलाओं से भी इस स्वरोजगार गतिविधि को अपनाने का आह्वान किया है।

श्रीमती चम्पा देवी की सफलता की यह कहानी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।

 

Previous Post

दैनिक राशिफल एवं पंचाग आइए जानते हैं कैसा रहेगा आपका दिन

Next Post

डॉ. मदन मोहन पाठक को “पद्म श्री गौरव सम्मान–2026” से नवाज़ा गया

Search

No Result
View All Result

ताज़ा खबरें

  • दैनिक राशिफल एवं पंचाग आइए जानते हैं कैसा रहेगा आपका दिन
  • दैनिक राशिफल एवं पंचाग आइए जानते हैं कैसा रहेगा आपका दिन
  • दैनिक राशिफल एवं पंचाग आइए जानते हैं कैसा रहेगा आपका दिन
  • डॉ. मदन मोहन पाठक को “पद्म श्री गौरव सम्मान–2026” से नवाज़ा गया
  • रेशम उत्पादन से आत्मनिर्भर बनीं ग्राम दशौली की चम्पा देवी सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहयोग से बदली किस्मत, बनीं महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत

Next Post
डॉ. मदन मोहन पाठक को “पद्म श्री गौरव सम्मान–2026” से नवाज़ा गया

डॉ. मदन मोहन पाठक को “पद्म श्री गौरव सम्मान–2026” से नवाज़ा गया

न्यूज़ बॉक्स में खबर खोजे

No Result
View All Result

विषय तालिका

  • Uncategorized
  • अपराध
  • आरोग्य
  • उत्तराखंड
  • कृषि
  • केरियर
  • खेल
  • ज्योतिष
  • देश
  • धार्मिक
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • मुंबई
  • मौसम
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • शिक्षा

सम्पर्क सूत्र

मदन मोहन पाठक
संपादक

पता : हल्द्वानी - 263139
दूरभाष : +91-9411733908
ई मेल : devbhoominewsservice@gmail.com
वेबसाइट : www.devbhoominewsservice.in

Privacy Policy  | Terms & Conditions

© 2021 devbhoominewsservice.in

No Result
View All Result
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • ज्योतिष
  • धार्मिक
  • खेल
  • मौसम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • रोजगार
  • कृषि
  • व्यापार

© 2022 Devbhoomi News - design by Ascentrek, Call +91-8755123999