✍️ डॉ. मदन मोहन पाठक वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य
अल्मोड़ा वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित डॉक्टर मदन मोहन पाठक ने बताया कि मौनी अमावस्या हिन्दू पंचांग की एक अत्यंत पावन एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण तिथि है। यह अमावस्या माघ मास के कृष्ण पक्ष में आती है तथा आत्मसंयम, मौन, तप, तर्पण और आत्मशुद्धि का विशेष पर्व मानी जाती है। शास्त्रों में इसे “माघ अमावस्या” के नाम से भी जाना जाता है।
मौनी अमावस्या का आध्यात्मिक महत्व
‘मौन’ का अर्थ केवल वाणी का संयम नहीं, बल्कि मन, विचार और इंद्रियों पर नियंत्रण भी है। इस दिन मौन रहकर किया गया जप, ध्यान एवं साधना कई गुना फलदायी मानी जाती है।
मौन के माध्यम से व्यक्ति आत्मा की आवाज़ सुनता है और आत्मबोध तथा आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है।
पवित्र स्नान एवं दान का महत्व
मौनी अमावस्या पर गंगा, यमुना, सरस्वती एवं अन्य पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है।
प्रयागराज, हरिद्वार, वाराणसी जैसे तीर्थ स्थलों पर इस दिन लाखों श्रद्धालु आस्था की पावन डुबकी लगाते हैं।
स्नान के पश्चात—
अन्न
वस्त्र
तिल
गुड़
कंबल
धन
का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है तथा पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में स्थित होते हैं, जिससे मानसिक ऊर्जा पर विशेष प्रभाव पड़ता है।
इस दिन किया गया जप—
ॐ नमः शिवाय
गायत्री मंत्र
या अपने इष्ट देव का स्मरण
अत्यंत लाभकारी होता है।
यह तिथि मानसिक शांति, रोग निवारण एवं ग्रह दोष शमन के लिए श्रेष्ठ मानी गई है।
व्रत एवं आचरण
मौनी अमावस्या के दिन—
यथासंभव मौन व्रत रखें
ब्रह्मचर्य का पालन करें
सात्त्विक भोजन या उपवास करें
क्रोध, निंदा और अहंकार से दूर रहें
इन नियमों का पालन करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
देव–ऋषि–पितृ तर्पण का विशेष फल
इस पावन तिथि पर देव, ऋषि एवं पितरों का तर्पण अवश्य करें।
तपोनिष्ठ, वेदपाठी ब्राह्मण को अन्न, वस्त्र एवं दक्षिणा दान करने से विशेष पुण्य लाभ प्राप्त होता है।
आधुनिक जीवन में मौनी अमावस्या की प्रासंगिकता
आज के तनावपूर्ण एवं भागदौड़ भरे जीवन में मौनी अमावस्या हमें रुककर स्वयं से संवाद करने की प्रेरणा देती है।
कुछ समय का मौन, आत्मचिंतन और साधना मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होती है।
निष्कर्ष
मौनी अमावस्या केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आत्मोन्नति का अनुपम अवसर है।
श्रद्धा, संयम और नियमपूर्वक इसका पालन करने से जीवन को आध्यात्मिक दिशा एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
मौन अपनाइए — मन को जानिए — जीवन को ऊर्जा से भरिए।
आज का पंचांग
ॐ श्री गणेशाय नमः
विक्रम संवत् : 2082
शक संवत् : 1947
संवत्सर : सिद्धार्थी
ऋतु : शिशिर
अयन : उत्तरायण
मास : माघ
दिनांक : 5 गते
वार : रविवार
तिथि : माघ कृष्ण पक्ष मौनी अमावस्या
योग : आनन्दादि — मध्य शुभ
चंद्रमा : सायं 4:41 बजे से मकर राशि में प्रवेश
राहुकाल
सायं 4:15 बजे से 5:34 बजे तक
(इस अवधि में समस्त शुभ कार्य वर्जित)
शुभ मुहूर्त (अभिजित)
प्रातः 11:58 बजे से 12:40 बजे तक
(समस्त शुभ कार्य हेतु श्रेष्ठ)
आज का राशिफल
मेष – दिन मंगलमय, पारिवारिक सुख, महत्वपूर्ण कार्य सिद्ध।
वृषभ – सामान्य फल, सोच-समझकर कार्य करें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मिथुन – विशेष फलदायी, मन प्रसन्न, शुभ कार्य सम्पन्न।
कर्क – सफलता कारक दिन, रुके कार्य पूर्ण होंगे।
सिंह – आर्थिक मजबूती, चल-अचल संपत्ति में वृद्धि।
कन्या – मध्यम फल, अजनबियों पर भरोसा न करें।
तुला – दिन शुभ, प्रेम व मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि।
वृश्चिक – मंगलमय दिन, पारिवारिक प्रसन्नता।
धनु – आर्थिक लाभ, प्रेम प्रसंग सफल।
मकर – उन्नति कारक दिन, संपत्ति लाभ।
कुंभ – प्रगति का दिन, महत्वपूर्ण कार्य सिद्ध।
मीन – सामान्य दिन, सायंकाल शुभ समाचार।
विशेष उपाय
आज सभी बारह राशियों के जातक भगवान श्री सूर्य नारायण को
रक्त चंदन, रक्त पुष्प एवं जल अर्पित करें तथा मंत्र जप करें—
“ॐ घृणि सूर्याय नमः”
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