हल्द्वानी दिनांक 21/2/2026
पीलीकोठी (वार्ड 51 व 52) स्थित दुर्गापाल गार्डन, रविवार बाजार में शनिवार को धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता का भव्य संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सकल सनातन समिति द्वारा विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज की सज्जन शक्ति को संगठित कर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना था।
कार्यक्रम का आयोजन दीप विष्ट के संयोजन तथा विमल पाण्डेय के कुशल संचालन में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत बाल प्रमुख डॉ. शीलनिधि, मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रोफेसर डॉ. शुभ्रा काण्डपाल तथा आध्यात्मिक वक्ता डॉ. दुर्गेश्वर दत्त त्रिपाठी उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता डॉ. शीलनिधि ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने सम्पूर्ण हिन्दू समाज को संगठित करने के उद्देश्य से की थी। उन्होंने कहा कि संघ ने विपरीत परिस्थितियों में भी समाज को एकजुट करने का कार्य निरंतर किया है। स्वदेशी विचार और भारतीय संस्कारों के माध्यम से भारत को एक अग्रणी और विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है। उन्होंने समाज को जाति के आधार पर बांटने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्राचीन वर्ण व्यवस्था जन्म से नहीं बल्कि कर्म के आधार पर निर्धारित थी।
प्रोफेसर डॉ. शुभ्रा काण्डपाल ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन परंपरा और हिन्दू धर्म के उत्थान के लिए समाज को संगठित होकर कार्य करना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा दिए गए “पंच परिवर्तन” के विचार को रेखांकित करते हुए कहा कि कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता और स्व आधारित जीवन जैसे पांच आयामों पर कार्य कर मातृशक्ति राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि मां बच्चे की प्रथम शिक्षिका होती है और वही उसके व्यक्तित्व तथा संस्कारों की मजबूत नींव रखती है।
आध्यात्मिक वक्ता डॉ. दुर्गेश्वर दत्त त्रिपाठी ने अनेकता में एकता का संदेश देते हुए कहा कि समाज को जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समस्त ज्ञान का मूल आधार वेद हैं और ईश्वर का वास समस्त सृष्टि में है। उन्होंने कहा कि हमें अपने मन, वचन और कर्म से किसी भी प्राणी को कष्ट नहीं देना चाहिए, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर धर्म की रक्षा के लिए साहस भी दिखाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। सिंथिया के बीजीबिज स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों तथा हर गोविंद सुयाल इंटर कॉलेज, कुसुमखेड़ा के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों और कुमाऊँनी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। वहीं पर्वतीय सांस्कृतिक मंच की टीम ने कुमाऊँनी होली की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
सम्मेलन के दौरान सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में जिला कार्यवाह राहुल जोशी, नगर प्रचारक प्रभाकर, जिला शारीरिक प्रमुख सूरज, जिला परिवार प्रबोधन प्रमुख विनीत टण्डन, सह जिला बौद्धिक प्रमुख कमलेश, नगर कार्यवाह प्रकाश, उपनगर कार्यवाह नितिन, नगर प्रचार प्रमुख डॉ. नवीन शर्मा, सह संयोजक विशम्बर काण्डपाल, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, मेयर गजराज बिष्ट, समाजसेवी मनोज पाठक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सम्मेलन का समापन समाज में एकता, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।





