अल्मोड़ा, 18 मई 2026। विकास भवन सभागार में सोमवार को चालू वित्तीय वर्ष की जिला योजना संरचना के परिव्यय को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जनपद प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 74 करोड़ 73 लाख 70 हजार रुपये के जिला योजना परिव्यय को अनुमोदित किया गया।
स्वीकृत परिव्यय में 57 करोड़ 13 लाख 70 हजार रुपये सामान्य मद, 17 करोड़ 37 लाख 30 हजार रुपये एससीएसपी तथा 22 लाख 70 हजार रुपये टीएसपी मद के लिए निर्धारित किए गए हैं। जिला योजना समिति के अध्यक्ष सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विभागवार आवंटित धनराशि पर सहमति जताते हुए इसे जनपद के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
बैठक में विभिन्न विभागों के लिए महत्वपूर्ण बजट स्वीकृत किया गया। जल संस्थान के लिए 12 करोड़ 30 लाख रुपये, लोक निर्माण विभाग के लिए 10 करोड़ 60 लाख रुपये, प्रांतीय रक्षक दल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 5 करोड़ रुपये, पर्यटन विभाग के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपये, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए 3 करोड़ रुपये, पेयजल निगम के लिए 5 करोड़ 80 लाख रुपये, कृषि विभाग के लिए 3 करोड़ 20 लाख रुपये तथा पशुपालन विभाग के लिए 3 करोड़ 55 लाख रुपये की धनराशि अनुमोदित की गई। इसके अतिरिक्त अन्य विभागों के लिए भी आवश्यक बजट स्वीकृत किया गया।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने जनपद की भौगोलिक एवं जनसांख्यिकीय परिस्थितियों को देखते हुए जिला योजना का बजट और बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक की शुरुआत जिलाधिकारी अंशुल सिंह द्वारा प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने से हुई। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने वर्ष 2026-27 की जिला योजना के अंतर्गत विभागवार आवंटित धनराशि का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने जिला योजना से जुड़े विभिन्न प्रावधानों, बीते वित्तीय वर्ष में किए गए नवाचारों तथा विकास कार्यों की भी जानकारी दी।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागों को प्राप्त सभी प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल करते हुए गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिला योजना की धनराशि का उपयोग केवल जनपद के विकास कार्यों में ही हो तथा सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला योजना में सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को बजट के अनुरूप शामिल किया जाए और किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए पत्राचार का समयबद्ध उत्तर दिया जाए तथा उनके क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
बैठक के दौरान विभिन्न विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की। इस पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम जनता के फोन कॉल्स का जवाब देना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें तथा जनता की शिकायतों का तत्काल संज्ञान लिया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला योजना समिति की स्वीकृति हेतु इस बैठक का आयोजन किया जाता है और जनप्रतिनिधियों द्वारा प्राप्त अधिकतम प्रस्तावों को योजना में शामिल करने का प्रयास किया गया है।
बैठक में विधायक मनोज तिवारी, डॉ. प्रमोद नैनवाल, मोहन सिंह मेहरा, महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैड़ा, मेयर अजय वर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, उप सचिव जिला योजना, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी रेनू भंडारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।






