चम्पावत, 10 जून 2026।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘आदर्श चम्पावत’ परिकल्पना और ‘सशक्त उत्तराखंड’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऊर्जा विभाग ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जनपद के लोगों को वर्षों से चली आ रही लो-वोल्टेज और विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने के उद्देश्य से लोहाघाट स्थित 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र को सफलतापूर्वक चार्ज कर संचालन में ला दिया गया है।
ऊर्जा विभाग द्वारा पिथौरागढ़ स्थित 132/33 केवी उपकेंद्र से लोहाघाट उपकेंद्र तक विद्युत आपूर्ति स्थानांतरण (लाइन शिफ्टिंग) का कार्य भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बन सकेगी।
राज्य सरकार की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की नीति के अनुरूप शुरू की गई इस व्यवस्था से चम्पावत, लोहाघाट, पाटी, देवीधुरा, बाराकोट सहित आसपास के अनेक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। नए उपकेंद्र के संचालन से विद्युत वोल्टेज में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
इस परियोजना के पूर्ण होने से बार-बार होने वाली ट्रिपिंग, कम वोल्टेज और अनियमित बिजली आपूर्ति जैसी समस्याओं में कमी आएगी। इसका लाभ आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों, लघु उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी कार्यालयों को भी मिलेगा।
उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) के अधिशासी अभियंता विजय सरकारिया ने बताया कि उपकेंद्र को सफलतापूर्वक चार्ज किए जाने और लाइन स्थानांतरण का कार्य पूर्ण होने के बाद पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में विद्युत विभाग जनपदवासियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। नए उपकेंद्र के संचालन से भविष्य में विद्युत उपलब्धता, गुणवत्ता और आपूर्ति की स्थिरता में और अधिक सुधार होगा, जिससे चम्पावत जिले के विकास को नई गति मिलेगी।
यह उपलब्धि मुख्यमंत्री की आदर्श चम्पावत परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे सीमांत क्षेत्र के लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।





