हल्द्वानी, 21 अगस्त 2026। काठगोदाम क्षेत्र में गुरुवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब कौलटैक्स नहर के तेज बहाव में एक युवक बह गया। चारों ओर अंधेरा और नहर का खतरनाक बहाव होने के बावजूद नैनीताल पुलिस और फायर सर्विस के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए युवक को सकुशल बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार 20 अगस्त 2026 की रात करीब 10:30 बजे काठगोदाम क्षेत्र के कौलटैक्स नहर में नरोत्तम पुत्र पुरुषोत्तम (35 वर्ष), निवासी विकासपुरी, KG-2, दिल्ली के बह जाने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक काठगोदाम जसवीर सिंह चौहान के निर्देशन में उपनिरीक्षक दलीप, उपनिरीक्षक कुमकुम एवं कांस्टेबल प्रताप गढ़िया तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। इसी बीच फायर सर्विस की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
अंधेरे और तेज बहाव के बीच नहर में उतरे जवान
स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। रात का घना अंधेरा, नहर का तेज बहाव और युवक के बह जाने से परिजन एवं आसपास मौजूद लोगों में भारी चिंता थी। ऐसे मुश्किल हालात में कांस्टेबल प्रताप गढ़िया और फायरमैन रविचंद्र रजवार ने असाधारण साहस दिखाते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना नहर में उतरकर युवक की तलाश शुरू कर दी।
काफी मशक्कत के बाद दोनों जवानों ने नहर में बह रहे युवक को तलाश कर सकुशल बाहर निकाल लिया। पुलिस और फायर सर्विस के जवानों की तत्परता से एक जिंदगी मौत के मुंह में जाने से बच गई।
112 से अस्पताल, रास्ते में 108 एंबुलेंस ने संभाला मोर्चा
रेस्क्यू के तुरंत बाद युवक को मौके पर मौजूद डायल-112 वाहन से उपचार के लिए चिकित्सालय ले जाया गया। रास्ते में 108 एंबुलेंस मिलने पर युवक को तत्काल एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया और उसे सुशीला तिवारी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया।
पुलिस और फायर सर्विस की बहादुरी को सलाम
नैनीताल पुलिस और फायर सर्विस के जवानों की इस त्वरित कार्रवाई और साहसिक रेस्क्यू की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने समय रहते तत्परता नहीं दिखाई होती तो हादसा बेहद गंभीर हो सकता था।
काठगोदाम की अंधेरी रात में नहर के तेज बहाव के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर एक जिंदगी बचाने वाले कांस्टेबल प्रताप गढ़िया और फायरमैन रविचंद्र रजवार की बहादुरी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस और फायर सर्विस के जवान केवल कानून-व्यवस्था के प्रहरी ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में आम नागरिकों के लिए जीवनरक्षक भी हैं।
नैनीताल पुलिस की त्वरित कार्रवाई, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम।




