हल्द्वानी, 14 अगस्त 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत हल्द्वानी महानगर के चार उपनगरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के बिंदुखत्ता और सूर्यादेवी खंड में युवा महोत्सव आयोजित किए गए। विभिन्न कार्यक्रमों में डिग्री कॉलेज, पॉलीटेक्निक, आईटीआई, इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेज सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रमों में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा, अनुशासन और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया गया।
महाराणा प्रताप उपनगर में आयोजित युवा महोत्सव में मुख्य वक्ता प्रांत संघचालक डॉ. बहादुर सिंह बिष्ट ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का सकारात्मक दिशा में उपयोग राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र के प्रति समर्पण, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
केशव उपनगर में मुख्य वक्ता सूरज ने युवाओं को व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा और सकारात्मक सोच के माध्यम से समाज में रचनात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों से जुड़कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
महादेव उपनगर में डॉ. नंदन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक का निर्माण करना भी है। उन्होंने युवाओं से संस्कार, अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक सरोकारों को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जागरूक एवं जिम्मेदार युवा ही समाज और राष्ट्र को सशक्त दिशा दे सकते हैं।
बिंदुखत्ता खंड में नैनीताल विभाग के विभाग प्रचारक डॉ. नरेंद्र ने कहा कि देश की प्रगति में युवाओं की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को भी समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी क्षमता का सकारात्मक उपयोग करते हुए सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
सूर्यादेवी खंड में हल्द्वानी के जिला प्रचारक जितेंद्र ने कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से अपने आसपास की सामाजिक चुनौतियों को समझने और उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभाव को जीवन में अपनाकर युवा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।
युवा महोत्सव के दौरान विभिन्न खेलों एवं अन्य गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इनमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। खेल गतिविधियों के दौरान युवाओं में उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली।
आयोजकों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र, समाज, संस्कृति, सेवा और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर उन्हें समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
डॉ. नवीन शर्मा
नगर प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हल्द्वानी




