अल्मोड़ा। विकासखंड ताकुला के राजस्व ग्राम ब्लौटा में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से हो गया है। जल जीवन मिशन के तहत उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा साईं चन्द्र गधेरे के पानी को अल्ट्राफिल्ट्रेशन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना से गांव के सभी 48 परिवारों को मानकानुसार शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की सुविधा मिली है।
अल्मोड़ा शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित ब्लौटा गांव में जल जीवन मिशन से पहले पेयजल की कोई पाइपिंग योजना नहीं थी। ग्रामीण करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित स्थानीय नौले-धारों से पानी लाकर अपनी जरूरत पूरी करते थे। वर्ष 2024 की गर्मियों में जलस्रोत सूखने के बाद गांव में पेयजल संकट और गहरा गया।
गांव के समीप साईं चन्द्र गधेरे के पास कब्रिस्तान एवं श्मशान घाट होने तथा ऊपरी क्षेत्र से गंदा पानी गधेरे में आने के कारण ग्रामीण इस जलस्रोत के पानी का उपयोग करने से भी परहेज करते थे। आसपास कोई अन्य पर्याप्त पेयजल स्रोत उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही थीं।
समस्या के समाधान के लिए उत्तराखंड जल संस्थान, शाखा अल्मोड़ा के अधिशासी अभियंता की तकनीकी सलाह पर गधेरे के पानी को अल्ट्राफिल्ट्रेशन तकनीक से उपचारित कर पेयजल के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव ग्रामीणों के समक्ष रखा गया। ग्रामीणों ने इस तकनीक पर सहमति जताई, जिसके बाद जल जीवन मिशन के अंतर्गत ब्लौटा पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण कराया गया।
वर्ष 2023-24 में तैयार की गई इस योजना के लिए 86.15 लाख रुपये की डीपीआर गठित की गई। योजना के तहत पंप हाउस का निर्माण, करीब 7,800 मीटर जीआई पाइप लाइन बिछाने तथा एक अल्ट्राफिल्ट्रेशन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना का कार्य किया गया।
योजना के सभी कार्य पूर्ण होने के बाद वर्तमान में ब्लौटा के सभी 48 परिवारों को नियमित रूप से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को दूरस्थ जलस्रोतों से पानी ढोने की परेशानी से राहत मिली है और घर के निकट पेयजल की सुविधा उपलब्ध हुई है।
अल्ट्राफिल्ट्रेशन तकनीक का प्रयोग बना मिसाल
उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा ब्लौटा गांव में अल्ट्राफिल्ट्रेशन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से जल शुद्धीकरण कर पेयजल योजना तैयार करना अल्मोड़ा जिले में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। ऐसी तकनीक उन क्षेत्रों में उपयोगी हो सकती है, जहां उपलब्ध जलस्रोत के पानी को उपचारित किए बिना सीधे पेयजल के रूप में इस्तेमाल करना संभव नहीं होता। ब्लौटा योजना के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही जल जीवन मिशन के ‘हर घर जल’ के उद्देश्य को भी धरातल पर साकार किया गया है।





