मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए सीट की तलाश शुरू हो चुकी है। विधानसभा चुनाव 2022 में खटीमा सीट से हारे धामी को छह माह में विधानसभा का सदस्य बनना जरूरी है। मुख्यमंत्री धामी के लिए सीट तलाश अभियान से कांग्रेस में भी खासी बेचैनी है। अब तक दो बार ऐसे मौके आ चुके हैं, जब गैर विधायक सीएम के लिए विपक्षी दल में सेंध लगाकर ही विधानसभा जाने का रास्ता बनाया गया है।
हालांकि भाजपा में ही मुख्यमंत्री धामी के लिए अपनी सीट कुर्बान करने को तैयार विधायकों की संख्या कम नहीं। लेकिन भाजपा का एक वर्ग चाहता है कि अपने विधायक के बजाए कांग्रेस के किसी विधायक से सीट खाली कराई जाए तो राजनीतिक रूप से ज्यादा बेहतर रहेगा।






