अल्मोड़ा यहां के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मदन मोहन पाठक ने बताया कि दिनांक 3 अप्रैल 2022 को अक्षय तृतीया का पावन पर्व है मंगलवार तृतीया तिथि रोहिणी नक्षत्र शोभन योग तैतिल करण वृष राशि में स्थित चंद्रमा अत्यंत पावन पर्व है इस दिन भगवान परशुराम की जयंती मनाई जाती है और भगवान परशुराम का अवतरण भी इसी दिन हुआ इसीलिए इस दिन भगवान परशुराम की जयंती मनाई जाती हैं सतयुग और त्रेता युग का आरंभ भी अक्षय तृतीया के दिन से ही माना जाता है अक्षय तृतीया सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त में एक मुहूर्त माना जाता है अक्षय तृतीया के दिन किया हुआ कोई भी कार्य सफल होता है उस दिन किसी भी प्रकार का कोई धार्मिक अनुष्ठान यज्ञ इत्यादि किया जाए तो वह अक्षय फल को देने वाला होता है इस दिन के किए हर कार्य अनंत काल तक रहते हैं और अत्यंत फलदाई होते हैं प्राचीन काल से ही अक्षय तृतीया के दिन सोने के आभूषण खरीदने की प्रथा चली आ रही है अक्षय तृतीया के दिन स्वर्ण खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है और उसे घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और चिरकाल तक मनुष्य को सुख समृद्धि प्राप्त होती है खासतौर पर जप दान मंत्र तंत्र सिद्धि यंत्र निर्माण साधना सिद्धि बच्चों के नजर के ताबीज इत्यादि अगर इसने बनाए जाते हैं तो वह अक्षय फल को देने वाले होते हैं इसीलिए अक्षय तृतीया का अत्यधिक पौराणिक महत्व है सभी लोग अक्षय तृतीया के दिन प्रात मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म से निवृत्त होकर स्नान आदि करें और फिर अपने घर पर घी का दीपक जलाएं और घर के चारों ओर गंगाजल का छिड़काव करें और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करें और भगवान परशुराम की पूजा करें तो इस प्रकार करने से आपके घर में सुख समृद्धि का निवास होगा और आज के दिन किसी भी प्रकार के अन्य खरीदारी करने का भी अच्छा मुहूर्त माना जाता है जो लोग बाहन लेना चाहते हैं किसी प्रकार के नवीन वस्त्र लेना चाहते हैं किसी प्रकार का कोई उद्योग लगाना चाहते हैं या किसी प्रकार से कोई औद्योगिक अनुष्ठान इत्यादि खोलना चाहते हैं ग्रह प्रवेश करना चाहते हैं बच्चों का जनेऊ संस्कार करना चाहते हैं विवाहित कार्यक्रम करना चाहते हैं तो इन सब कार्यों के लिए अक्षय तृतीया श्रेष्ठ पर्व माना गया है डा मदन मोहन पाठक मोबाइल नम्बर 9411703908






