अल्मोड़ा यहां के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित डा मदन मोहन पाठक ने बताया कि सभी स्मार्त (गृहस्थियों) की श्री कृष्ण जन्माष्टमी कल यानी 18 अगस्त 2022 को मनाई जाएगी क्योंकि हमारे क्षेत्रों में जिस वक्त भगवान श्री कृष्ण का जन्म होता है वही समय जन्मोत्सव मनाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी की रात 12:00 बजे हुआ था और उस वक्त अष्टमी तिथि थी इसी कारण कल भी मध्य रात्रि 12:00 बजे अष्टमी है इसी कारण अष्टमी होने के कारण भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव भी कल ही मनाया जाएगा भगवान श्री कृष्ण का जन्म भी मध्य रात्रि 12:00 बजे होने के कारण जब भी अष्टमी 12:00 बजे होती है उसी दिन स्मार्थ गृहस्थी भगवान का जन्म मनाते हैं यह सनातन काल से चलता आ रहा है ।केवल जो वैष्णव संप्रदाय के लोग हैं वह लोग उदय व्यापिनी मनाते हैं जैसे श्री वृंदावन धाम में जन्माष्टमी उदय व्यापिनी मनाई जाती है यह सन्यासी और वैष्णव संप्रदाय के लोग ही मनाते हैं । जहां तक आम जनता का सवाल है वह कृष्ण जन्माष्टमी कल धूमधाम से मनाएंगे कल ही उपवास रखेंगे साथ में कल सातों का त्योहार भी है महिलाएं गौरा महेश्वर की पूजा करती हैं और गौरा महेश्वर को चूड़ी चरेऊ बिंदी श्रृंगार का सामान नारियल इत्यादि लेकर गोरा माता को प्रसन्न करती हैं और भगवान शिव को पान सुपारी ऋतु फल पत्र पुष्प फल जल द्वारा संतुष्ट करते हैं भगवान को विरुढ चढ़ाते हैं और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं दुर्गा अष्टमी 19 तारीख को मनाई जाएगी क्योंकि दुबड़ा धारण करने का जो समय निर्धारित है वह अष्टमी काल में ही है क्योंकि दूसरे दिन दिवस व्यापिनी अष्टमी होने से दुर्गाष्टमी दूसरे दिन ही होगी इसमें भी किस प्रकार का कोई संशय नहीं होगा






