अल्मोड़ा, 6 जनवरी 2026।
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से गठित रेफरल मॉनिटरिंग समिति की समीक्षा बैठक आज जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद के विभिन्न अस्पतालों से संबंधित सभी रेफरल प्रकरणों की एक-एक कर गहन समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए अस्पतालवार प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि रेफरल से जुड़े प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया कि रेफर किए गए प्रत्येक मरीज का रेफरल के पश्चात भी निरंतर फॉलो-अप लिया जाए। इसके लिए मरीज अथवा उनके परिजनों का संपर्क नंबर रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए, ताकि उपचार की स्थिति की समय-समय पर जानकारी प्राप्त की जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि मरीज को रेफर करने से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाए कि जिस चिकित्सालय में उसे भेजा जा रहा है, वहां संबंधित उपचार की सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने निर्देश दिए कि यथासंभव मरीजों को निकटतम सक्षम चिकित्सालय में ही रेफर किया जाए, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो सके।
बैठक में 108 एम्बुलेंस सेवा एवं अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एम्बुलेंस सुविधा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही सभी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा से संबंधित मामलों का सुव्यवस्थित एवं अद्यतन डेटा संधारण करने के निर्देश भी दिए गए।
रेफरल व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने विभागीय संचार प्रणाली को मजबूत करने, नियमित मॉनिटरिंग तथा प्रभावी फीडबैक तंत्र विकसित करने पर बल दिया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाया जा सके।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने बेस अस्पताल में आई बैंक की स्थापना एवं संचालन हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आई बैंक की स्थापना से समाज के अनेक जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सकेगा।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन चंद्र तिवारी ने अवगत कराया कि 27 नवंबर 2025 से 3 जनवरी 2026 तक जनपद के अस्पतालों से रेफर हुए मरीजों की संख्या, कुल ओपीडी एवं आईपीडी मरीजों के सापेक्ष एक प्रतिशत से भी कम रही है, जो जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था की सकारात्मक स्थिति को दर्शाता है।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम है, अतः सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी आपातकालीन परिस्थितियों में पूर्ण संवेदनशीलता, तत्परता एवं समर्पण के साथ कार्य करें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन चंद्र तिवारी, पीएमएस जिला अस्पताल डॉ. हरीश चंद्र गढ़कोटी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जनपद के समस्त अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सक वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए ।






