अल्मोड़ा, 12 मार्च 2026।
गर्मी के मौसम में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार अल्मोड़ा में वनाग्नि रोकथाम को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वनाग्नि की संभावित घटनाओं की रोकथाम, आग लगने की स्थिति में त्वरित नियंत्रण तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि ग्रीष्मकाल के दौरान जंगलों में आग लगने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहते हुए समय रहते आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी। उन्होंने वन विभाग सहित अन्य विभागों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए और कहीं भी वनाग्नि की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को भी वनाग्नि की रोकथाम के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही आग पर नियंत्रण के लिए उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों को सक्रिय और तैयार रखने को भी कहा गया।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर वनाग्नि नियंत्रण समिति गठित करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर इस व्यवस्था के लागू होने से वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप धौलाखंडी, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीन कुमार, जिला विकास अधिकारी एस.के. पंत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल, उपजिलाधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तथा जंगल के दोस्त संस्था के गजेंद्र पाठक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।





