अल्मोड़ा | 16 फरवरी 2026
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में रेफरल मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक विभिन्न चिकित्सालयों से रेफर किए गए मरीजों के मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने जानकारी दी कि इस अवधि में ओपीडी एवं आईपीडी सहित कुल 45,059 मरीज पंजीकृत हुए, जिनमें रेफरल दर मात्र 0.65 प्रतिशत रही। जिलाधिकारी ने इस पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर उपचार व्यवस्था के कारण अनावश्यक रेफरल में कमी आई है। उन्होंने इस दर को और कम करने के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा जरूरत पड़ने पर त्वरित रेफरल की व्यवस्था की जाए। उन्होंने शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष रणनीति अपनाने को कहा।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को सुदृढ़ करने, चिकित्सालयों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और 108 एम्बुलेंस सेवा के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
📌 बैठक में उपस्थित अधिकारी
मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीताम्बर प्रसाद सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।





