अल्मोड़ा, 27 मार्च 2026 जनपद में ‘हर घर जल’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने विकास भवन में जल जीवन मिशन (JJM) की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा कि पेयजल योजनाओं में देरी और गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया[ जाएगा।
बैठक के मुख्य बिंदु और कड़े निर्देश:
- डेडलाइन और गुणवत्ता: जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में उच्च मानकों का पालन अनिवार्य है।
- नियमित मॉनिटरिंग: पाइपलाइन बिछाने, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और टंकियों के निर्माण की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। धीमी प्रगति वाली संस्थाओं को विशेष रूप से कार्य में तेजी लाने की चेतावनी दी गई।
- समस्या निवारण: अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त पेयजल संबंधी शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि योजना का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
- ग्रीष्मकालीन कार्ययोजना: आने वाले गर्मियों के सीजन में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए जिलाधिकारी ने अभी से प्रभावी ‘एक्शन प्लान’ तैयार रखने और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- वन भूमि हस्तांतरण: परियोजनाओं के मार्ग में आ रहे वन भूमि हस्तांतरण के मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो।
इनकी रही उपस्थिति:
बैठक में मुख्य रूप से प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।





