अल्मोड़ा, 18 फरवरी 2026
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने अपने अल्मोड़ा भ्रमण के दूसरे दिन जनपद के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों—राजकीय संग्रहालय एवं ऐतिहासिक मल्ला महल—का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण, संवर्द्धन एवं पर्यटन विकास को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत राजकीय संग्रहालय, अल्मोड़ा से करते हुए आयुक्त ने संग्रहालय में संरक्षित ताम्रपत्रों, प्राचीन मूर्तियों, दुर्लभ सिक्कों तथा ऐतिहासिक पांडुलिपियों का अवलोकन किया। उन्होंने इन धरोहरों के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक वस्तुएं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
प्राचीन सिक्कों के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने उनकी ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए निर्देश दिए कि सिक्कों को व्यवस्थित रूप से वर्गीकृत कर सुरक्षित तरीके से संरक्षित किया जाए, ताकि शोधार्थियों एवं आगंतुकों को उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की समुचित जानकारी मिल सके। साथ ही उन्होंने पांडुलिपियों के दीर्घकालिक संरक्षण हेतु आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इस दौरान आयुक्त ने स्वतंत्रता सेनानी एवं भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत से संबंधित अभिलेखों की जानकारी प्राप्त की तथा उनके योगदान को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसके उपरांत आयुक्त ने ऐतिहासिक धरोहर मल्ला महल का निरीक्षण करते हुए इसके ऐतिहासिक महत्व और पर्यटन संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विरासत स्थलों के संरक्षण को पर्यटन विकास से जोड़कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन के समेकित विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त हो सके।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, उपजिलाधिकारी संजय कुमार, प्रभारी निदेशक राजकीय संग्रहालय डॉ. सी.एस. चौहान, उप निदेशक पर्यटन प्रकाश सिंह खत्री, वीथिका सहायक जन्मजेय तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





