उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों खासकर बागेश्वर में देवता पूजा लोगों के जीवन का अहम हिस्सा है. यहां पूजा केवल मंदिर तक सीमित नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था का उत्सव होती है. सबसे प्रमुख विधि जागर है, जिसमें जगरिया ढोल-दमाऊ बजाकर देवताओं की गाथाएं गाता है. मान्यता है कि इस दौरान देवता डंगरिया के शरीर में अवतरित होकर लोगों की समस्याओं का समाधान बताते हैं.






