मदन मोहन पाठक अल्मोड़ा उत्तराखंड
उत्तराखंड की राजनीति में जब पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद की बागडोर संभाली, तब राज्य एक निर्णायक मोड़ पर था। युवा नेतृत्व, दूरदर्शिता और तेज निर्णय क्षमता के साथ धामी सरकार ने यह सिद्ध कर दिया कि विकास, सुशासन और जनसेवा केवल संकल्प नहीं, बल्कि क्रियान्वयन का विषय है।
1. युवाओं के लिए रोजगार और अवसर
धामी सरकार ने युवाओं को प्राथमिकता पर रखते हुए 20,000 से अधिक सरकारी भर्तियां प्रारंभ की।
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता हेतु नकल विरोधी कानून पारित किया गया, जो एक ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत हज़ारों युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिले।
2. धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों को नई गति मिली, जिससे श्रद्धालुओं की सुविधाएँ और संरचना में अभूतपूर्व सुधार हुआ।
चारधाम यात्रा को ऑटोमेटेड पंजीकरण प्रणाली से जोड़ा गया, जिससे भीड़ नियंत्रण व तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।
मानसखंड कॉरिडोर जैसी पहल से कुमाऊँ क्षेत्र को भी धार्मिक पर्यटन से जोड़ा गया।
3. ई-गवर्नेंस और पारदर्शी प्रशासन
CM डैशबोर्ड के माध्यम से योजनाओं की निगरानी और समीक्षा की जा रही है।
“अपणि सरकार” पोर्टल ने सरकारी सेवाओं को डिजिटल और सुलभ बनाया।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 ने आमजन की शिकायतों के समाधान को सरल और प्रभावी बनाया।
4. महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस पहल
महिला समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना शुरू की गई।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा और आशा फैसिलिटेटर्स के मानदेय में वृद्धि की गई।
5. अवस्थापना विकास (Infrastructure Development)
ऑल वेदर रोड, रेल परियोजनाएँ, और एयर कनेक्टिविटी में तीव्र प्रगति हुई।
सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और सुरक्षा की दृष्टि से सड़कों का निर्माण तेज़ हुआ।
6. कानून और व्यवस्था को मज़बूत किया गया
पुलिस आधुनिकीकरण, सीसीटीवी नेटवर्क, और महिला सुरक्षा एप जैसे कदमों से राज्य में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई।
यूके एसएसएससी पेपर लीक मामले में त्वरित कार्रवाई और CBI जांच से स्पष्ट संदेश गया कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर है।
निष्कर्ष
धामी सरकार की सबसे बड़ी ताकत है – “फैसले लेने की इच्छाशक्ति” और “विकास के प्रति प्रतिबद्धता”। सीमित समय में सरकार ने न केवल विश्वास हासिल किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि एक युवा और ऊर्जावान नेतृत्व कैसे राज्य को प्रगति की राह पर अग्रसर कर सकता है।
उत्तराखंड को अब “बेमिसाल उत्तराखंड” बनाने का जो सपना दिखाया गया है, वह अब धरातल पर उतरता दिख रहा है – और इसके केंद्र में है पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शिता और जनसेवा की भावना।

