अल्मोड़ा
वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. मदन मोहन पाठक के अनुसार दिनांक 19/4/2026 को अक्षय तृतीया का पर्व है,हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। “अक्षय” का अर्थ होता है — जिसका कभी क्षय न हो, अर्थात इस दिन किए गए शुभ कार्य, दान-पुण्य और पूजा का फल अनंत और अक्षय रहता है।
डॉ. पाठक बताते हैं कि यह दिन बिना किसी मुहूर्त के सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन विशेष रूप से धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ, कर्मकांड, गृह प्रवेश, पूंजी निवेश, बच्चों के संस्कार, वाहन क्रय (गाड़ी लेना) तथा भूमि पूजन जैसे कार्य करना अत्यंत फलदायी होता है।
🔱 धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व
अक्षय तृतीया को देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। इस दिन किए गए जप, तप, हवन और पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन प्रारंभ किया गया कोई भी शुभ कार्य निरंतर वृद्धि और सफलता की ओर अग्रसर होता है।
🪔 विशेष पूजा-विधि
डॉ. पाठक के अनुसार इस दिन घर में निम्न उपाय अवश्य करने चाहिए:
घर के पूजा स्थल पर घी का अखंड दीपक जलाएं
माता लक्ष्मी जी की विधिवत पूजा-अर्चना करें
भगवान विष्णु और लक्ष्मी का ध्यान कर समृद्धि की कामना करें
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप करें
🌼 शुभ खरीदारी और उपाय
अक्षय तृतीया के दिन पीली वस्तुओं का विशेष महत्व है। इस दिन:
सोना-चांदी या आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है
पीले वस्त्र, हल्दी, चना, गेहूं आदि खरीदना लाभकारी होता है
दान-पुण्य करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है
📿 निष्कर्ष
डॉ. मदन मोहन पाठक के अनुसार अक्षय तृतीया केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का द्वार खोलने वाला शुभ अवसर है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा निश्चित रूप से अक्षय फल प्रदान करती है।
👉 अंत में उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि इस पावन अवसर का लाभ उठाकर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का स्वागत करें।





