अल्मोड़ा। युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए अल्मोड़ा पुलिस लगातार जागरूकता अभियान और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में अब पुलिस केवल नशा तस्करों पर शिकंजा कसने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए मानवीय और सकारात्मक पहल भी कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा चंद्रशेखर घोडके के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओजी और एएनटीएफ टीम ने 22 मई 2026 को अल्मोड़ा निवासी एक युवक, जो लंबे समय से नशे की लत से पीड़ित था, उसकी काउंसलिंग की।
पुलिस टीम ने युवक और उसके परिजनों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा सामान्य जीवन की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया। काउंसलिंग और समन्वय के बाद युवक को उपचार हेतु बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया।
इस दौरान युवक के परिजनों ने भी पुलिस की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए पूरा सहयोग दिया।
अल्मोड़ा पुलिस का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल नशा तस्करों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को नई जिंदगी और नई दिशा देना भी है।
पुलिस द्वारा जनपद में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल तस्करों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नशे से प्रभावित लोगों की काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।






