अल्मोड़ा, 24 जून 2026। जनपद में वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में महालेखाकार उत्तराखंड के तत्वावधान में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनपद के सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) तथा वित्त अधिकारियों ने प्रतिभाग कर वित्तीय नियमों, बजट प्रबंधन और लेखा प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे, महालेखाकार उत्तराखंड परवेज आलम, जिलाधिकारी अंशुल सिंह और मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए महालेखाकार परवेज आलम ने कहा कि शासकीय विभागों में वित्तीय अनुशासन बनाए रखना सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने अधिकारियों को बजट आवंटन, व्यय नियंत्रण, लेखा मिलान, ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण तथा वित्तीय नियमों के प्रभावी अनुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए सभी नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी को व्यवहारिक कार्यप्रणाली में लागू करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय अनियमितताओं के प्रति प्रशासन की नीति शून्य सहनशीलता की है और प्रत्येक अधिकारी अपने स्तर पर वित्तीय कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करे।
कार्यशाला के दौरान महालेखाकार कार्यालय के विशेषज्ञों ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वित्तीय नियमों की विभिन्न बारीकियों, लेखा प्रबंधन और ऑडिट संबंधी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान कर उन्हें व्यावहारिक सुझाव भी प्रदान किए गए।
इस अवसर पर उप महालेखाकार एस.जी. ममगई, कार्यशाला के नोडल अधिकारी सुनील निगम, मुख्य कोषाधिकारी वीरेंद्र रावत सहित विभिन्न विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला को वित्तीय दक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।





