भवाली/रामगढ़। रामगढ़ ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय पाटा-खपराड़ के जर्जर भवन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। विद्यालय परिसर में ग्रामीणों का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक नए विद्यालय भवन का निर्माण नहीं होता या बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन वर्षों से जर्जर अवस्था में है। छत से बरसात का पानी टपकता है और भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। उनका आरोप है कि वर्ष 2021 से शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कई बार भवन निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
रविवार रात ग्रामीणों ने मशाल जुलूस निकालकर शासन-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व युवा नेता चंदन लोहियाल कर रहे हैं। अनशन में कमल गौड़, दीपक गौड़ सहित कई ग्रामीण शामिल हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि इसी जर्जर भवन में प्राथमिक विद्यालय के 32 तथा आंगनबाड़ी केंद्र के लगभग 35 बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। सोमवार को दीपक बिष्ट, राकेश बुज्यासी और प्रवीन आर्य सहित कई लोगों ने आंदोलन स्थल पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था और नए विद्यालय भवन के निर्माण की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।





