अल्मोड़ा, 08 अगस्त 2026। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयारियों को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को विकास भवन सभागार, अल्मोड़ा में आपदा जोखिम न्यूनीकरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने किया।
कार्यशाला में जनपद में आपदा प्रबंधन की वर्तमान तैयारियों की समीक्षा करने के साथ ही विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों, उपलब्ध संसाधनों और आपदा के समय आपसी समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने संभावित आपदाओं के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित विभागों को लगातार तैयार रखा जा रहा है और आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है।
आपदा प्रबंधन केवल सरकार की नहीं, सबकी जिम्मेदारी : मदन कौशिक
कार्यशाला को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड आपदा के दृष्टिगत पूरी तरह तैयार है, लेकिन किसी भी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निरंतर जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। आपदा के समय बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मॉक ड्रिल के माध्यम से विभागों की तैयारियों और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करना तथा प्रभावित लोगों तक राहत एवं बचाव कार्य तत्काल पहुंचाना है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, मेयर अजय वर्मा, दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल, अपर सचिव आपदा प्रबंधन प्रकाश चंद्र, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा और जिलाध्यक्ष महेश नयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यशाला के माध्यम से जनपद में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाने, विभागीय समन्वय मजबूत करने तथा आपदा के समय त्वरित राहत एवं बचाव सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक रणनीति पर मंथन किया गया।
एक और ज्यादा दमदार मुख्य हेडिंग हो सकती है: “आपदा आए तो अल्मोड़ा तैयार रहे—सरकार ने कसी कमर, प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल से परखी जा रही तैयारियां”।




