हल्द्वानी, 08 अगस्त 2026।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में योग विभाग की ओर से आयोजित 10 दिवसीय योग कार्यशाला का समापन शनिवार को सफलतापूर्वक हुआ। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को षट्कर्म, विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान सहित योग के व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक पक्षों का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने कार्यशाला के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए नियमित योगाभ्यास से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों ने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से उन्हें योग की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उपयोगिता को समझने का अवसर मिला।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि योग को केवल अभ्यास तक सीमित न रखकर इसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षार्थियों का आह्वान किया कि वे स्वयं नियमित योग करें तथा इसके महत्व को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा की निदेशक प्रो. मंजरी अग्रवाल ने योग को स्वस्थ, संतुलित एवं अनुशासित जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक है। उन्होंने प्रतिभागियों को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला का आयोजन डॉ. भानु प्रकाश जोशी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला को सफल बनाने में योग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. दीपक कुमार, डॉ. अनिल कोठारी, डॉ. नीता दियोलिया, श्रीमती दीक्षा बिष्ट तथा योग प्रशिक्षक श्री ललित मोहन, श्री यशवंत एवं डॉ. प्रियंका जोशी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
कार्यशाला के समापन अवसर पर डॉ. दीपक कुमार ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए योग के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा इसे जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस 10 दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को योग के विभिन्न आयामों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ ही स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास की आवश्यकता का संदेश भी दिया गया।
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