हल्द्वानी, 10 सितंबर 2026। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में 01 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत दावे-आपत्तियों के निस्तारण और मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथियों में विस्तार किया गया है। इस संबंध में गुरुवार को तहसील सभागार हल्द्वानी में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रारूप-6, प्रारूप-7 एवं प्रारूप-8 के माध्यम से प्राप्त दावे एवं आपत्तियों पर नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया अब 28 सितंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 3 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी मतदाता की प्रविष्टि DSE/PSE में चिन्हित होने मात्र से उसका नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। ऐसी प्रविष्टियों का नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संबंधित प्रविष्टियां वास्तव में एक ही व्यक्ति की हैं अथवा अलग-अलग मतदाताओं की।
यदि किसी मतदाता की एक से अधिक स्थानों पर प्रविष्टि पाई जाती है तो संबंधित मतदाता से उसके वर्तमान निवास और अन्य आवश्यक विवरणों की पुष्टि की जाएगी। मतदाता के चयन के अनुसार एक स्थान पर उसकी प्रविष्टि बनाए रखते हुए अन्य स्थानों की प्रविष्टियों को नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित मतदाता को फॉर्मेट-ए में नोटिस पंजीकृत डाक अथवा स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जाएगा। नोटिस जारी होने की तिथि से 15 दिन के भीतर मतदाता को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) संबंधित पते पर जाकर सत्यापन की कार्रवाई करेगा।
उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने स्तर से मतदाताओं को SIR की प्रक्रिया की सही एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं और उन्हें जागरूक करें, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि DSE/PSE प्रक्रिया का उद्देश्य किसी वास्तविक मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से मतदाता सूची से हटाना नहीं, बल्कि संभावित मल्टीपल एंट्री को चिन्हित कर उसका सत्यापन करना है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक वास्तविक मतदाता का नाम सही स्थान पर मतदाता सूची में बना रहे।
बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एच.डी. पांडे तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




