उत्तराखंड कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने रविवार को कांग्रेस भवन में हुए कार्यक्रम में पदभार ग्रहण किया। इससे पूर्व पार्टी के दिग्गज नेताओं ने करन माहरा का भव्य स्वागत किया। फूल माला पहनाकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी नए प्रदेश अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया। मगर कार्यक्रम के बीच पार्टी में गुटबाजी भी खुलकर देखने को मिली। इस दौरान कांग्रेस विधायकों का एक बड़ा धड़ा कार्यक्रम से नदारद रहा।प्रदेश संगठन में नवनियुक्त पदाधिकारियों के चयन के बाद से ही पार्टी विधायकों और नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि कांग्रेस नेता इसके बावजूद मंच पर एकता और पार्टी को मजबूत करने की बात करते रहे, लेकिन आज के कार्यक्रम से करीब 10 से अधिक कांग्रेस विधायक नदारद रहे। वहीं कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष मंच पर सीट न मिलने के कारण नाराज दिखीं।
उत्तराखंड कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा , प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उप नेता भुवन कापड़ी को कार्यकर्ताओं ने कंधों पर बैठाकर मंच तक पहुंचाया। इस मौके पर मंच पर भगदड़ भी देखने को मिली। मंच पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए संचालकों को धक्का मुक्की करनी पड़ी। इसका एक मुख्य कारण मंच पर कुर्सियों की कमी रही।पद ग्रहण करने के बाद करण माहरा ने हरीश रावत और गणेश गोदियाल का पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। वहीं, इस कार्यक्रम में कांग्रेस के करीब 10 से अधिक विधायकों के न पहुंचने से पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी को खुलकर सामने आ गई। कार्यक्रम में यशपाल आर्य, भुवन कापड़ी, आदेश चौहान, अनुपमा रावत, सुमित हृदयेश और वीरेंद्र सिंह शामिल हुए।चकराता विधायक प्रीतम सिंह, हरीश धामी, विक्रम सिंह नेगी, ममता राकेश, मदन बिष्ट सहित अन्य विधायक कार्यक्रम से नदारद रहें। कार्यक्रम में कई विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों ने भी दूरी बनाई रखी। हालांकि, कांग्रेस के नेता मंच पर पार्टी को मजबूत करने की बात करते रहे।शपथ ग्रहण समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में करण माहरा ने कहा कि कोई भी विधायक नाराज नहीं है। फुरकान अहमद और ममता राकेश रुड़की में हुई घटना की वजह से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए। इसके साथ ही प्रीतम सिंह के क्षेत्र में भी सड़क दुर्घटना में 4 लोगों की मौत हो गई है, जिसकी वजह से वो शामिल नहीं हो पाए हैं। जबकि, विक्रम नेगी के घर पर शादी है। करण माहरा ने कहा कि कांग्रेस में कोई भी खेमा नाराज नहीं है।माहरा ने पार्टी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि अगर कोई भी सीमा से बाहर जाएगा तो उसके खिलाफ हाईकमान से बातचीत कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जनता की लड़ाई मोहल्ले से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी।






