हल्द्वानी | 25 दिसम्बर 2025
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हल्द्वानी नगर द्वारा गुरुवार को बाल स्वयंसेवकों का भव्य पथ संचलन आयोजित किया गया। यह पथ संचलन एमबीपीजी कॉलेज परिसर से प्रारंभ होकर तिकोनिया चौराहा होते हुए पुनः एमबीपीजी कॉलेज में संपन्न हुआ।
पथ संचलन से पूर्व एमबीपीजी कॉलेज में सैकड़ों बाल स्वयंसेवक एकत्रित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक परम पूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एवं पूज्य गुरूजी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र सेवा प्रमुख श्री धनीराम ने बौद्धिक संबोधन देते हुए कहा कि जब-जब भारत माता की गोद में राष्ट्र पुनर्जागरण की आवश्यकता पड़ी, तब-तब महापुरुषों ने अपने त्याग और बलिदान से समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि परम पूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म केवल एक व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र को जागृत करने वाली विचारधारा के रूप में हुआ था।
उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार जी ने माँ भारती की सेवा को अपने जीवन का सर्वोच्च ध्येय बनाया। उनका मानना था कि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक भारत अपने गौरव को पुनः प्राप्त नहीं कर सकता। इसी उद्देश्य से उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की—एक ऐसे संगठन के रूप में, जो भारत की सांस्कृतिक आत्मा को जागृत कर राष्ट्र प्रथम की भावना को जन-जन तक पहुँचाए।
क्षेत्र सेवा प्रमुख ने कहा कि आज संघ रूपी वटवृक्ष की छाया में करोड़ों स्वयंसेवक सेवा, संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा के कार्यों में संलग्न हैं। यह सब उस बीज का परिणाम है जिसे डॉ. हेडगेवार जी ने अपने त्याग, तपस्या और दूरदृष्टि से रोपा था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, किंतु उनका लक्ष्य केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनरुत्थान और आत्मगौरव से युक्त भारत का निर्माण था।
धनीराम ने कहा कि संगठित शक्ति ही वर्तमान युग में राष्ट्र और समाज का मार्गदर्शन कर सकती है। आज भारत की संस्कृति और विचारधारा विश्वभर में स्वीकार की जा रही है। 18 से अधिक देशों में गीता पर शोध कार्य हो रहे हैं, 57 देशों में दीपावली मनाई जा रही है तथा तुलसी पूजन भी विदेशों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति विश्व को दिशा देने की क्षमता रखती है।
उन्होंने भारत के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि शून्य और दशमलव जैसी खोजों से लेकर संस्कार और ज्ञान तक भारत ने पूरी दुनिया को मार्गदर्शन दिया है और आगे भी देता रहेगा। आज विभिन्न धर्मों के लोग भी भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को आत्मसात कर रहे हैं। हमें दूसरों के पदचिह्नों पर चलने के बजाय स्वयं ऐसे पदचिह्न बनाने होंगे, जिन पर आने वाली पीढ़ियाँ गर्व के साथ चल सकें।
कार्यक्रम के दौरान नगर संघचालक विवेक कश्यप, जिला प्रचारक जितेंद्र, सह प्रचार प्रमुख भुवन जोशी,नगर प्रचारक प्रभाकर, नगर कार्यवाह प्रकाश, जिला शारीरिक प्रमुख सूरज, सह जिला बौद्धिक प्रमुख कमलेश, नगर शारीरिक प्रमुख कमल, नगर प्रचार प्रमुख डॉ. नवीन शर्मा, नगर व्यवस्था प्रमुख गिरीश, मुख्य शिक्षक विनीत पांडेय, सह नगर कार्यवाह तनुज गुप्ता, प्रहलाद मेहरा, उपनगर कार्यवाह ललित, हिमांशु, रूपचंद्र, योगेश सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।






