Herbal Remedy for Cattle Digestion: पहाड़ों की वादियों में कुछ ऐसे औषधीय पौधे हैं जिनका आज भी इस्तेमाल किया जाता है. इन्हीं में से एक है ‘रस्मोडा’, एक ऐसी कुदरती बूटी जो पशुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. जब गाय या भैंस का पाचन बिगड़ जाता है और गोबर सूखने की वजह से वे बेचैनी में तड़पने लगती हैं, तब पहाड़ों में डॉक्टर के बजाय रस्मोडा की जड़ों का सहारा लिया जाता है. बुजुर्गों का मानना है कि यह पहाड़ी नुस्खा न केवल पशुओं को ‘टीला’ जैसी गंभीर समस्या से मिनटों में राहत देता है, बल्कि इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता.






