Dharma Aastha : मलमास में शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं. अगर इस मास में विवाह, मुंडन संस्कार और नूतन गृह प्रवेश कर लिया जाए तो जीवनभर समस्याओं का अंबार लगा रहता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मलमास में सूर्य संक्रांति नहीं होने के कारण इसे अपवित्र माना जाता है. इस बार मलमास 17 मई से शुरू हुआ था, जो अंतिम चरण में है. हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि इस बार मलमास 15 जून तक रहेगा.




