हल्द्वानी, 5 अगस्त। श्री पुरुषोत्तम धर्मानंद स्मृति विद्यालय, धार बिठोरिया नं. 1 में वैदिक भारती का पंचम वार्षिकोत्सव उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय में आयोजित वैदिक श्लोक सुलेख प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरण से हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वैदिक भारती के संरक्षक एवं प्रसिद्ध कुमाउनी रामायण के रचयिता डॉ. विश्वम्भर बिशन दत्त जोशी रहे। विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य श्री टी. एस. दानू तथा पूर्व प्रधानाचार्य, विद्या भारती विद्यालय, श्री आनंद हरबोला ने अध्यक्षता करते हुए मेधावी विद्यार्थियों को संयुक्त रूप से सम्मानित किया।
प्रतियोगिता में चेतना कार्की ने प्रथम, जानवी बिष्ट ने द्वितीय, रोहित ध्यानी ने तृतीय, मानसी करायत ने चतुर्थ तथा गंगा ने पंचम स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं शुभकामनाएँ प्रदान की गईं।
अपने प्रेरक संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. विश्वम्भर बिशन दत्त जोशी ने विद्यार्थियों को कुमाउनी भाषा में संबोधित करते हुए अपनी स्व-रचित कुमाउनी रामायण के अनेक प्रेरणादायी प्रसंग सुनाए। वहीं विशिष्ट अतिथि श्री टी. एस. दानू ने कुमाउनी भाषा एवं कुमाउनी रामायण को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने को नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पाँच औषधीय पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम का संचालन वैदिक भारती के संयोजक डॉ. हरी एस. बिष्ट एवं विद्यालय की संयोजिका श्रीमती कामिनी तिवारी ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती चौहान, अध्यापिकाएँ श्रीमती किरण मेहरा एवं श्रीमती गंगा बिष्ट, वैदिक भारती के श्री लक्ष्मण सिंह मेवाड़ी, श्री मोहन सिंह सुगड़ा, श्री एम. सी. शर्मा सहित विद्यालय के समस्त माध्यमिक वर्ग के छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
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