लखनऊ उत्तर विधान परिषद की जिन 27 एमएलसी सीटों के लिए आज आठ बजे से मतदान शुरु होगा उनमें भाजपा सभी 27 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। सपा ने 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं जबकि गाजीपुर सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दे रही है। वहीं आज
एक सीट पर सपा की सहयोगी पार्टी रालोद चुनाव लड़ रही है। इस चुनाव में कांग्रेस व बसपा दोनों ही पार्टियों ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं। आमतौर पर माना जाता है कि जो पार्टी सत्ता में होती है, एमएलसी चुनाव में जीत भी उन्हीं की होती है, किंतु कई सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा की मुसीबत बढ़ा रहे हैं।
वाराणसी सीट पर भाजपा के सुदामा पटेल व सपा के उमेश यादव चुनाव मैदान में हैं। यहां मौजूदा एमएलसी माफिया बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह भी चुनाव लड़ रही हैं। ऐसे में यहां त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है। आजमगढ़-मऊ सीट पर भाजपा के अपने ही मुसीबत बने हुए हैं। भाजपा ने यहां सपा विधायक रमाकांत यादव के बेटे अरुणकांत को उतारा है।
यहां भाजपा एमएलसी यशवंत सिंह के बेटे विक्रांत सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने पिछले दिनों यशवंत को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था।प्रतापगढ़ सीट पर भी त्रिकोणीय मुकाबला है। यहां भाजपा से पूर्व विधायक हरि प्रताप सिंह, सपा से विजय बहादुर यादव व अक्षय प्रताप उर्फ गोपालजी चुनाव लड़ रहे हैं।
अक्षय प्रताप कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से चुनाव मैदान में हैं। गाजीपुर सीट से भाजपा के विशाल सिंह चंचल मैदान में हैं। यहां निर्दलीय प्रत्याशी मदन यादव मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। सपा प्रत्याशी भोलानाथ शुक्ला ने जब नामांकन वापस लिया तो सपा ने मदन यादव को अपना समर्थन दे दिया था।
गोरखपुर-महाराजगंज सीट पर भाजपा ने सपा छोड़ कर आए एमएलसी सीपी चंद को मैदान में उतारा है तो सपा से रजनीश यादव मैदान में हैं। सपा ने गठबंधन के तहत रालोद को दो सीटें मेरठ-गाजियाबाद और बुलंदशहर दी थी। मेरठ-गाजियाबाद सीट पर रालोद से सुनील रोहटा हैं तो भाजपा से धर्मेद्र भारद्वाज मैदान में हैं। बुलंदशहर सीट पर रालोद प्रत्याशी ने अपना पर्चा ही वापस ले लिया था।





