कालाढूंगी— देवभूमि न्यूज सर्विस— चकलुवा से लगा नरीपुर गांव के आसपास के क्षेत्र में विगत सायं आंधी तूफान ने ऐसा कहर बरपाया की स्थानीय लोगों को भारी नुकसान हो गया। क्षेत्र में लोगों के बाग बगीचे चौपट हो चुके हैं। जगह जगह भारी पेड़ गिर आये हैं।आपको बता दें की कालाढूंगी के चकलुवा इलाके में सोमवार की शाम मौसम ने जबरदस्त कहर बरपा दिया सबके ज्यादा क्षति स्थानीय पॉलीहाउस संचालक कैलाश भट्ट को हुई है उनके पॉलीहाउस मत्सय पालन को भारी नुकसान हुआ है पूरा पॉलीहाउस गिर कर में फिस टैंक के ऊपर आ गया। जिससे मछलियों को बचाना भी मुश्किल हो गया है। श्री भट्ट के मुताबिक उन्होंने अब तक की नौकरी कर सारी खून पसीने की कमाई इसी पर लगाई थी। तहसील कालाढूंगी के नदी पुर क्षेत्र में आए भयंकर तूफान ने इस गांव की छवि बिगाड़ के रख दी यहां पर छोटे-छोटे काश्तकार लोग जो कि आम के बगीचे लीची के बगीचों इत्यादि के माध्यम से अपने आजीविका का पालन करते हैं ऐसे लोगों को प्रकृति के कहर ने कहीं का नहीं छोड़ा इन लोगों की लीची की फसल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है रास्तों में विशाल पेड़ गिर कर टूट गए हैं काफी मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं जिन्हें मजदूरों द्वारा कुल्हाड़ी से काट काट कर अलग किया जा रहा है ताकि रास्ता आवागमन के लिए सुचारू हो सके इसी गांव से जुड़े हुए क्षेत्र में कैलाश चंद्र भट्ट का अपना मच्छी पालन का पॉलीहाउस है जिसमें हुए मच्छी पालन के साथ-साथ बागवानी भी करते हैं उन्होंने हाल ही में बड़ी भारी रकम लगाकर इस पॉलीहाउस की नींव रखी कुछ ही समय पूर्व यह अपना कार्य करने लग गया था किंतु प्रकृति की मार के बारे में कोई नहीं जान सकता श्री भट्ट ने सोचा धीरे धीरे इस कार्य को आगे बढ़ाई जाएगा और इसके माध्यम से दो पैसा अर्जित कर पारिवारिक जीवन का भरण पोषण किया जाएगा किंतु प्रकृति को कुछ और ही मंजूर था इन्होंने जीवन भर मेहनत कर संघर्ष से जो पैसा कमाया वह सारा इस पॉलीहाउस पर लगा दिया श्री भट्ट के अनुसार इन्होंने लगभग इस पॉलीहाउस के निर्माण में अभी तक साठी लाख से ऊपर का खर्चा कर दिया है जिसमें से 20 लाख रुपए की अनुमानित क्षति इस आंधी तूफान से हुई है आंधी तूफान के कारण उसकी पूरी छत उड़ गई और लोहे के डंडे उनके नेट बोर्ड इत्यादि सब बुरी तरह से टेढ़े हो गए हैं क्षतिग्रस्त हो गए हैं जिन्हें दोबारा प्रयोग में नहीं लाया जा सकता श्री भट्ट का कहना है प्रशासन उनकी समस्या को समझते हुए उनकी जो भी संभव हो सहायता करें ताकि आगे को इस तरह से जो लोग स्वरोजगार के माध्यम से कार्य करते हैं उनका मनोबल ना टूटे





