उत्तराखंड में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के स्नातक स्तर की भर्ती के पेपर लीक मामले में पिछले महीने हाकम सिंह रावत और चंदन मनराल की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने ईडी को पत्र लिख इनकी संपत्तियों के बारे में बताया था। साथ ही समय-समय पर एसटीएफ की ओर से लगातार पत्र भेजे जा रहे थे। इसके मद्देनजर अब ईडी भी सक्रिय हो गई और पुलिस से आरोपियों के संपत्तियों के बारे में ब्योरा मांगा है।साथ ही समय-समय पर एसटीएफ की ओर से लगातार पत्र भेजे जा रहे थे। इसके मद्देनजर अब ईडी भी सक्रिय हो गई और पुलिस से आरोपियों के संपत्तियों के बारे में ब्योरा मांगा है। ताकि, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई की जा सके। इसके तहत आरोपियों की करोड़ों रुपये की संपत्ति को अटैच किया जा सकता है।पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी आरोपियों की संपत्तियों के बारे में ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि ईडी इस मामले में जल्द एफआईआर दर्ज कर सकती है। पेपर लीक मामले में पिछले महीने हाकम सिंह रावत और चंदन मनराल की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने ईडी को पत्र लिख इनकी संपत्तियों के बारे में बताया था।





