हल्द्वानी जनवरी और जुलाई 2027 सत्र से पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी, स्थानीय भाषा-संस्कृति के संरक्षण को मिलेगी नई दिशा साहिया, 21 अगस्त 2026। जौनसार-बावर की समृद्ध लोकभाषा, संस्कृति और परंपराओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने की दिशा में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में जल्द ही जौनसारी बोली-भाषा में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जाएगा। पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है और इसे जनवरी 2027 अथवा जुलाई 2027 के सत्र से प्रारंभ करने का प्रयास किया जा रहा है।
यह जानकारी उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने सरदार महिपाल राजेन्द्र जनजातीय (पी.जी.) कॉलेज, साहिया में आयोजित ‘उच्च शिक्षा आपके द्वार’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दी।
जौनसारी भाषा को मिलेगा उच्च शिक्षा का मंच
कुलपति प्रो. लोहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय स्थानीय भाषाओं और लोक संस्कृति के संरक्षण को विशेष महत्व दे रहा है। गढ़वाली और कुमाऊँनी सहित विभिन्न स्थानीय भाषाओं में पाठ्यक्रम पहले से संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जौनसारी भाषा को भी विश्वविद्यालय की अकादमिक व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जौनसारी भाषा में पाठ्यक्रम शुरू होने से जौनसार-बावर की लोकभाषा, लोक साहित्य, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को नई गति मिलेगी। साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को उच्च शिक्षा के माध्यम से व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।
घर बैठे जारी रख सकेंगे उच्च शिक्षा
कुलपति ने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक उच्च शिक्षा पहुंचाना है। मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि व्यक्ति किसी भी उम्र में अपनी पढ़ाई जारी रख सकता है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय छात्रों की सुविधाओं को लगातार बेहतर बना रहा है। प्रवेश के बाद विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के साथ अब डिग्री भी डाक के माध्यम से उनके घर तक पहुंचाई जा रही है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिल रहा है।
विभिन्न योजनाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम में डॉ. राकेश चन्द्र रयाल ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं योजनाओं की जानकारी दी। साहिया कॉलेज के चेयरमैन अनिल सिंह तोमर ने विशेष अध्ययन केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक अवसरों से अवगत कराया।
सामाजिक कार्यकर्ता भारत चौहान ने जौनसारी भाषा को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल करने की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे जौनसारी बोली-भाषा के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों तक इसके हस्तांतरण को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में डॉ. सुभाष रमोला, डॉ. गोविंद सिंह रावत, डॉ. रवि कुमार, डॉ. प्रियंका जलाल, डॉ. रीना रांगड़, अर्जुन सिंह तोमर, सरदार सिंह, वीरेंद्र लाल, केशव सिंह, कमल सिंह नेगी, सुनील शर्मा, अमित चौहान, सुरेश चौहान, नितिन तोमर, मनीष चौहान, अंकित, याशिका, पूजा, सोनिया, रविता सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
विशेष न्यूज बॉक्स
कुलपति ने किया ‘जौनसार दर्पण’ समाचार पत्रिका का लोकार्पण
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने सरदार महिपाल राजेन्द्र जनजातीय (पी.जी.) कॉलेज, साहिया की वार्षिक समाचार पत्रिका ‘जौनसार दर्पण’ का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर कुलपति ने पत्रिका के प्रकाशन की सराहना करते हुए कहा कि ‘जौनसार दर्पण’ महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं अन्य गतिविधियों को समाज तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी पत्रिकाएं विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ महाविद्यालय की उपलब्धियों और गतिविधियों को व्यापक पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।




