देवीधुरा (चम्पावत)। दिनांक 28/8/2026
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देवीधुरा स्थित मां वाराही धाम में ऐतिहासिक बग्वाल मेले का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री ने मां वाराही देवी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मातृशक्ति एवं बालिकाओं ने रक्षासूत्र बांधकर स्नेह और आशीर्वाद प्रदान किया।
इस वर्ष बग्वाल की ऐतिहासिक परंपरा को प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए स्थानीय लोगों ने पाषाणों के स्थान पर फूलों और फलों से बग्वाल खेलकर नई मिसाल कायम की। सदियों पुरानी इस परंपरा के इस पर्यावरण अनुकूल स्वरूप ने श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के साथ प्रकृति संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान उसकी समृद्ध सनातन संस्कृति, आस्था और पौराणिक परंपराओं से है। इन सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मानसखंड मंदिरमाला मिशन के अंतर्गत मां वाराही धाम का मास्टर प्लान के अनुरूप भव्य एवं सुनियोजित विकास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करना है।
बग्वाल मेले के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्थानीय लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे।
परंपरा भी कायम, पर्यावरण भी सुरक्षित
इस बार फूलों और फलों से खेली गई बग्वाल ने यह संदेश दिया कि आस्था और परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा सकती है। देवीधुरा की ऐतिहासिक बग्वाल का यह नया स्वरूप आने वाले समय में सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बन सकता है।




