अल्मोड़ा, 08 अक्टूबर। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान से संबद्ध गोवर्धन तिवारी राजकीय बेस चिकित्सालय में नवगठित हॉस्पिटल ट्रांसफ्यूजन कमेटी (HTC) की पहली बैठक गुरुवार को ओपीडी बाल रोग विभाग के सभागार में आयोजित हुई। बैठक में अस्पताल में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रक्त आधान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही मरीजों को आवश्यकता के समय रक्त एवं उसके घटकों की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विस्तार से मंथन किया गया।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) एवं राज्य रक्त आधान परिषद (SBTC), उत्तराखंड के दिशा-निर्देशों के क्रम में आयोजित बैठक प्राचार्य प्रो. गोविंद सिंह तितियाल के मार्गदर्शन में हुई। कमेटी के चेयरमैन एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.सी. पुनेरा तथा संयोजक सचिव/नोडल अधिकारी एवं प्रभारी रक्त केंद्र डॉ. आशीष जैन की अगुवाई में हुई बैठक में रक्त केंद्र की कार्यप्रणाली को मजबूत करने तथा मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में रक्त एवं उसके विभिन्न घटकों की उपलब्धता, गुणवत्ता, सुरक्षित रक्त आधान तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित रक्त आपूर्ति को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। चिकित्सकों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर रक्त की आवश्यकता वाले मरीजों को समय पर सेवा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में निश्चेतक विभागाध्यक्ष डॉ. उर्मिला पलड़िया, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं क्लीनिकल हीमेटोलॉजिस्ट डॉ. अंकित कौशिक, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश सिंह चौहान, ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. शुजा नाजिम, इमरजेंसी विभाग के मेडिकल ऑफिसर डॉ. नीलेश एवं डॉ. किरन, गायनी विभाग से डॉ. श्वेता एवं डॉ. मेघा, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार सिंह एवं डॉ. नौशीन, रेडिएशन थेरेपी प्रभारी डॉ. अंकुर यादव, ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. भावना पंत, दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल पांडे सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
इसके अलावा नर्सिंग प्रशासन से उप नर्सिंग अधीक्षिका लीला बिष्ट एवं पुष्पा राजवंश, मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर हेम चंद्र बहुगुणा, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से सीनियर तकनीशियन प्रकाश डंगवाल, लैब तकनीशियन महावीर कुंवर एवं दीपक जोशी सहित अन्य संबंधित कर्मचारी बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक में सभी सदस्यों ने रक्त केंद्र की सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने पर सहमति जताई। साथ ही अस्पताल में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक सहभागिता तथा गैर सरकारी संगठनों का सहयोग लेने का निर्णय लिया गया।


