अल्मोड़ा/हल्द्वानी के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ मदन मोहन पाठक ने बताया यों तो साल भर में मनाई जाने वाली एकादशी व्रत का अपना महत्त्व है पर साल भर में मनाई जाने वाली सभी एकादशी तिथियों में पापमोचनी एकादशी का अपना विशेष महत्व का शास्त्र में बताया गया है। पापमोचनी एकादशी का तो जथो नाम तथो गुण के अनुसार इसका उपवास मनुष्य के समस्त पापों को नष्ट करने एवं इस लोक में सुख शांति समृद्धि प्रदान करने और अंत में अपने धाम को देने वाली है इस दिन भगवान विष्णु की विधि पूर्वक पूजा करने से व्यक्ति को ब्रह्म हत्या, स्वर्ण चोरी, मदिरापान, अहिंसा और भ्रूणघात,जैसे बड़े पापों से भी छुटकारा मिलता है। इसके अलावा इस दिन जो कोई भी व्यक्ति भगवान विष्णु की पूजा करता है उसके जन्म जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं और ऐसे व्यक्ति मोक्ष के अधिकारी बन जाते हैं।
पापमोचनी एकादशी उपवास के बारे में शास्त्रों में यह वर्णन है कि इस व्रत का पालन करने से हिन्दू तीर्थ स्थलों पर जानें और गायों के दान से भी ज्यादा पुण्य व्यक्ति को प्राप्त होता है। इसके अलावा इस शुभ व्रत का पालन करने वाले जातक सभी तरह के सांसारिक सुखों का आनंद लेते हैं और अंततः भगवान विष्णु के स्वर्गीय राज्य ‘वैकुंठ’ में स्थान पाते हैं अतः सभी धर्मावलम्बीयों को इसका अनुसरण करना चाहिए और इस पवित्र व्रत को करना चाहिए और भगवान श्री हरि विष्णु जी की कृपा से धर्म अर्थ मोक्ष काम सहित मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने में यह उपवास अद्वितीय है





