बागेश्वर | 23 जुलाई 2026।
जनपद के सीमांत कमस्यार क्षेत्र में वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों और निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लेने पहुंचीं जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने निर्माण कार्यों में सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
गुरुवार को जिलाधिकारी ने तहसील काँडा के अंतर्गत खातीगाँव–देवतोली तथा बासफटान–रावतसेरा मोटर मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वर्षा से क्षतिग्रस्त कल्मट एवं स्कबर की स्थिति का जायजा लिया और सीमांत क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को शीघ्र सामान्य बनाए रखने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि खातीगाँव–देवतोली मोटर मार्ग के किलोमीटर-02 पर क्षतिग्रस्त कल्मट का पुनर्निर्माण एसडीआरएफ मद से स्वीकृत 10.23 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तत्काल तेजी लाई जाए और इसे अगस्त के प्रथम सप्ताह तक हर हाल में पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होना चाहिए तथा कार्य के दौरान पेयजल लाइनों को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को नियमित निगरानी के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता एन.के. जोशी ने जिलाधिकारी को बताया कि 29 जून को हुई भारी वर्षा के कारण उक्त कल्मट पूरी तरह क्षतिग्रस्त (वॉशआउट) हो गया था, जिसके बाद पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया।
इसके बाद जिलाधिकारी ने बासफटान–रावतसेरा मोटर मार्ग के किलोमीटर-05 पर क्षतिग्रस्त स्कबर का निरीक्षण किया। उन्होंने पीएमजीएसवाई अधिकारियों को शीघ्र निर्माण प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने तथा निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सड़क पर गिरे पेड़ों और मलबे को तत्काल हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि बरसात के मौसम में सीमांत क्षेत्रों की सड़कें हर समय सुरक्षित और सुचारु रहनी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों, मरीजों और आवश्यक सेवाओं के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान सड़कों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की क्षति होने पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया जाए, जिससे आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी के इस निरीक्षण से स्पष्ट संकेत मिला कि सीमांत क्षेत्रों में विकास कार्यों और सड़क संपर्क को लेकर प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।




