हल्द्वानी (उत्तराखंड):
हल्द्वानी के मोटाहल्दू स्थित मदरसन फैक्ट्री में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे श्रमिकों के समर्थन में पहुंचे पूर्व दर्जा मंत्री हरीश पनेरू को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि उन्हें काठगोदाम थाना में पूरे दिन बैठाए रखा गया, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।
हरीश पनेरू ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल श्रमिकों की जायज मांगों—सम्मानजनक वेतन, निर्धारित कार्य समय और बेहतर कार्य परिस्थितियों—को प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन तक पहुंचाना था। लेकिन इसके बावजूद पुलिस की कार्रवाई ने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज के समय में श्रमिकों की आवाज उठाना भी अपराध की तरह देखा जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। उनका कहना है कि पुलिस-प्रशासन सत्ता पक्ष के दबाव में कार्य कर रहा है और श्रमिकों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस घटना के बाद श्रमिकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे श्रमिकों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, और जो भी उनके समर्थन में आगे आता है, उसे ही रोक दिया जाता है।
हरीश पनेरू ने स्पष्ट किया कि वे श्रमिकों के अधिकारों की इस लड़ाई में पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें कितनी भी बार हिरासत या गिरफ्तारी का सामना करना पड़े, वे श्रमिकों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
यह घटना एक बार फिर श्रमिक अधिकारों, प्रशासनिक भूमिका और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर बहस को जन्म दे रही है।






