मुनस्यारी, पिथौरागढ़ | 06 जून 2026
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने अपने दो दिवसीय मुनस्यारी भ्रमण के दौरान प्रसिद्ध नंदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र में विकसित हो रही पर्यटन गतिविधियों का अवलोकन करते हुए जिला प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की।
राज्यपाल को जिला प्रशासन द्वारा मिलम, खलिया टॉप, बिर्थी, पंचाचूली सहित मुनस्यारी क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों और वहां विकसित की जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने नंदा देवी मंदिर समिति के पदाधिकारियों से भेंट कर धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं एवं मंदिर व्यवस्थाओं पर चर्चा की।
भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न विभागों और स्थानीय समूहों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया। विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और ब्रांडिंग की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों का संरक्षण और प्रभावी विपणन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीणों से संवाद करते हुए राज्यपाल ने महिलाओं के स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला समूह ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहे हैं।
इसके बाद राज्यपाल ने वर्ष 2023 में ‘बेस्ट टूरिज्म विलेज’ पुरस्कार से सम्मानित सरमोली ग्राम पंचायत का भ्रमण किया। उन्होंने सरमोली के सामुदायिक पर्यटन और होमस्टे मॉडल को महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि यह मॉडल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि सरमोली ने यह सिद्ध किया है कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रभावी माध्यम बनाया जा सकता है। यहां संचालित होमस्टे पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और ग्रामीण जीवनशैली का वास्तविक अनुभव प्रदान कर रहे हैं, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
होमस्टे संचालकों से बातचीत के दौरान राज्यपाल ने उनके अनुभवों और सुझावों को भी सुना। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मुनस्यारी क्षेत्र में लगभग 120 होमस्टे, 32 होटल, एक दर्जन से अधिक लॉज, तीन गेस्ट हाउस तथा 50 से अधिक टेंट पर्यटकों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि मुनस्यारी आज पर्यटन, संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय आजीविकाओं का अद्भुत संगम बन चुका है। यहां के होमस्टे, महिला स्वयं सहायता समूह और स्थानीय उत्पाद न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसी पहलें स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी तथा मुनस्यारी को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में और अधिक प्रतिष्ठा दिलाएंगी।





