हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला का शुभारंभ सोमवार को सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन के साथ हुआ। प्रातः 10 बजे विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना व्यक्त की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रोफेसर रेनू प्रकाश ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर एसोसिएट प्रोफेसर शांशक शुक्ला ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रभक्ति, जन-जागरण और राष्ट्रीय चेतना का सशक्त प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ आज भी देशवासियों को राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना से जोड़ने का कार्य करता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर नवीन चन्द्र लोहनी ने की।
मेहंदी की कलाकृतियों में उकेरा राष्ट्रप्रेम
‘वंदे मातरम्’ अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में देशभक्ति और भारतीय संस्कृति को केंद्र में रखते हुए मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के शिक्षार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
प्रतिभागियों ने अपने हाथों पर ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े आकर्षक एवं सृजनात्मक डिजाइन उकेरकर राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, स्वतंत्रता आंदोलन और भारतीय संस्कृति के विविध आयामों को कलात्मक रूप में अभिव्यक्त किया। मेहंदी की इन कलाकृतियों में प्रतिभागियों की रचनात्मकता के साथ-साथ देशभक्ति की भावना भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
प्रतियोगिता में प्रस्तुत कलाकृतियों का मूल्यांकन प्रोफेसर मंजरी अग्रवाल, डॉ. नीरजा सिंह एवं डॉ. कल्पना लखेरा के निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। प्रतिभागियों की कला, विषय-वस्तु की प्रासंगिकता, मौलिकता, सौंदर्यबोध एवं प्रस्तुतीकरण को मूल्यांकन का आधार बनाया गया।
15 अगस्त को मिलेगा पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों में देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना, रचनात्मकता एवं राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करने के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में स्वस्थ, सकारात्मक और सहभागी वातावरण का निर्माण करती हैं।
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रोफेसर रेनू प्रकाश ने बताया कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इस अवसर पर प्रोफेसर पी.डी. पंत, प्रोफेसर राकेश रयाल, डॉ. सीता, डॉ. देवकी सिरोला, डॉ. गोपाल सिंह गौनिया, डॉ. नमिता वर्मा, डॉ. किशोर कुमार, श्रीमती शैलजा, रेनू भट्ट, ज्योति शर्मा सहित विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।




