हल्द्वानी। उत्तराखण्ड में कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को नैनीताल जनपद में आयोजित 31 दिवसीय टेलर-वूमेन गारमेंट्स (महिला वस्त्र निर्माण) प्रशिक्षण कार्यक्रम ने नई मजबूती प्रदान की है। आरसेटी कुंवरपुर, हल्द्वानी में संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ, जिसमें जनपद के विभिन्न ब्लॉकों एवं क्षेत्रों से 33 युवक-युवतियों ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वस्त्र निर्माण की आधुनिक तकनीकों, सिलाई-कढ़ाई से जुड़े व्यावहारिक कौशल तथा स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आवश्यक उद्यमिता संबंधी जानकारियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना रहा।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि सहायक परियोजना निदेशक चंदा फर्त्याल ने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार किए गए परिधानों की प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उनके कार्य की सराहना की तथा उन्हें इस कौशल को स्वरोजगार के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने संस्थान को निर्देशित किया कि सभी प्रशिक्षणार्थियों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें अपना व्यवसाय स्थापित करने एवं आगे बढ़ाने में आवश्यक सहयोग मिल सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास निर्माण, सकारात्मक सोच और सफल उद्यमिता के गुणों पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही सफल उद्यमियों के अनुभव साझा कराए गए, जिससे प्रशिक्षणार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो सके। बैंकिंग, वित्तीय प्रबंधन एवं वित्तीय साक्षरता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं, ताकि प्रतिभागी भविष्य में अपने स्वरोजगार को व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संचालित कर सकें।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश में कौशल विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिलेगा। आने वाले समय में ऐसे प्रयास युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।





