Nainital Water Crisis: अपनी नीली झील और शीतल हवाओं के लिए विश्व प्रसिद्ध ‘सरोवर नगरी’ नैनीताल आज अपनी प्यास बुझाने के लिए जद्दोजहद कर रही है. प्रकृति की गोद में बसा यह शहर एक ऐसे भयावह पर्यावरणीय मोड़ पर खड़ा है, जहां इसके पारंपरिक जलस्रोत इतिहास के पन्नों में दफन होते जा रहे हैं. कभी 70 जलधाराओं से समृद्ध रहने वाला नैनीताल आज महज 11 स्रोतों के भरोसे जिंदा है. बढ़ते शहरीकरण और पर्यावरण के साथ हुई छेड़छाड़ ने नैनीताल के नैसर्गिक स्वरूप को हिलाकर रख दिया है, जिससे आने वाले समय में यहां एक गंभीर जल त्रासदी की आहट सुनाई देने लगी है.





