नैनीताल के ज्योलीकोट स्थित नैन्सी नर्सिंग कॉलेज में पिछले दिनों हुए विवाद के मामले में एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि बीते एक मई को जो छात्राएं कॉलेज प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए हंगामा कर रहीं थी अब वही छात्राए अपनी बात से मुकर गयी हैं और उल्टा मीडिया को गलत खबर प्रकाशित करने का दोष दे रही हैं। इसे छात्राओं की लापरवाही कहें या फिर कॉलेज प्रबंधन का उन पर दबाव, जो भी इससे मीडिया के लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। मीडिया कर्मियों के अनुसार जिस दिन यह विवाद हुआ था उस दिन छात्राएं लगातार उनसे न्याय दिलाने की गुहार लगा रहीं थी और अब जिस प्रकार छात्राओं के बयान आ रहे हैं वह निंदनीय हैं। गौरतलब है कि बीते एक मई 2022 को नैनीताल के समीप ज्योलीकोट स्थित नैंसी नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं द्वारा कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा काटा गया था। कॉलेज परिसर के अंदर मौजूद सैकड़ो छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और साथ ही कॉलेज प्रबंधन पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के भी आरोप लगाए। जब कॉलेज प्रशासन से छात्राओं को मदद नहीं मिली तो उन्होने हालिया बयान करते हुए नैनीताल मीडिया से मदद मांगी। छात्राओं ने नारेबाज़ी और आरोप लगाने की खुद वीडियो बनाकर व्हाटस एप के माध्यम से स्थानीय मीडियाकर्मियों को भेजी और मदद की गुहार लगाई , जिस पर मीडिया ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छात्राओं की हर सम्भव मदद करने की कोशिश की।
मीडिया के माध्यम से सच्चाई सार्वजनिक हो जाने के डर से कॉलेज प्रबंधन द्वारा मीडिया को गेट के अंदर नही जाने दिया गया जिसमें एक महिला पत्रकार भी जख्मी हो गयी ,इसीलिए परिसर के अंदर मौजूद नर्सिंग की छात्राओं ने कई वीडिओज़ बनाकर मीडिया तक खुद पहुंचाई। जब कॉलेज मैं छात्राओं द्वारा हँगामा किया जा रहा था तो स्थानीय पुलिस भी मौके पर थी जिनके सामने छात्राएँ कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रही थी । मीडिया ने छात्राओं के बयान पर उनके साथ हो रहे अत्याचार की खबर को कॉलेज प्रबंधन के बयान के साथ निष्पक्ष तौर पर प्रकाशित किया।
लेकिन एक दिन बीतने के बाद अब उन्हीं नर्सिंग छात्राओं ने मदद करने वाली मीडिया पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए। आंखिर नैन्सी कॉलेज में ऐसा क्या चल रहा है कि कल तक जो छात्राएं हाथ जोड़कर पत्रकारों से मदद की गुहार लगा रही थी आज उन्हीं छात्राओं की कुछ और वीडिओज़ सामने आई है जिनमे ये छात्राएं उल्टा मीडिया पर ही गलत खबर चलाने का आरोप लगा रही है और जैसा विडियो में साफ देखा और सुना जा सकता है कि मीडिया ने ये गलत खबर चलाई हमने कोई वीडियो मीडिया को नही भेजी और मीडिया टीआरपी के लिए ये सब कर रही है।





