अल्मोड़ा, 14 जुलाई। क्वारब बाईपास मोटर मार्ग पर हाल की अतिवृष्टि और भूस्खलन के बाद उत्पन्न संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने जनसुरक्षा के मद्देनज़र बड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने मार्ग पर भारी एवं ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के साथ ही भूस्खलन की जद में आए जोखिमग्रस्त विद्युत पोल को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को किए गए स्थलीय निरीक्षण में क्वारब बाईपास मार्ग को भू-वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील पाया गया। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि इस मार्ग से लगातार भारी और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही हो रही है, जिससे ढालों की स्थिरता प्रभावित होने और भूस्खलन का खतरा बढ़ने की आशंका है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और संभागीय परिवहन अधिकारी को पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर विशेष सघन वाहन चेकिंग अभियान तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवरलोड और मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने तथा मार्ग पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना या भूस्खलन की आशंका को कम किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) का एक विद्युत पोल भी गंभीर खतरे की स्थिति में पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, यूपीसीएल को तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर पोल का तकनीकी परीक्षण कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर उसे प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि दोबारा भूस्खलन या भू-धंसाव की स्थिति बनती है तो विद्युत पोल के क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ जन-धन की हानि और राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए समय रहते आवश्यक कदम उठाना बेहद जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी संजय कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग हर्षित गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।





