हल्द्वानी, 14 जुलाई।
जनपद नैनीताल में विकास कार्यों की गति तेज करने, जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मंगलवार को सर्किट हाउस, हल्द्वानी में विभिन्न विभागों की व्यापक समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिला, राज्य एवं केंद्र पोषित योजनाओं के साथ-साथ 20-सूत्री एवं 25-सूत्री कार्यक्रमों की सेक्टरवार प्रगति का विस्तार से परीक्षण किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, खराब निर्माण पर होगी वसूली
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विभागों को जिस उद्देश्य के लिए धनराशि आवंटित की गई है, उसका उपयोग केवल उसी कार्य में किया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि किसी कार्य में गुणवत्ता खराब पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं से वसूली की जाएगी। उन्होंने समय पर निविदा प्रक्रिया पूरी करने और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने तथा प्रत्येक कार्यस्थल पर साइट इंजीनियर की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को भी कहा।
रोजगार आधारित योजनाओं और कृषि विकास पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने कृषि, उद्यान एवं सहकारिता विभागों को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगारपरक योजनाओं को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को वितरित किए जाने वाले उर्वरक, बीज, कृषि यंत्र एवं अन्य उपकरण उच्च गुणवत्ता के होने चाहिए।
सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया कि किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नहरों और गूलों की मरम्मत शीघ्र कराई जाए।
मानसून में अधिकतम पौधारोपण का लक्ष्य
वन, उद्यान, कृषि, सहकारिता, भेषज एवं विकास विभागों को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है। सभी विभाग शत-प्रतिशत लक्ष्य के अनुरूप अधिकाधिक पौधारोपण सुनिश्चित करें ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ हरित आवरण भी बढ़ाया जा सके।
सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी
सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि जिले के तीनों खंडों में कई स्वीकृत कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हुए हैं। इस पर उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को टीम गठित कर सभी कार्यस्थलों का निरीक्षण कराने तथा विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों में लगेंगी सोलर लाइटें
उरेडा विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इस वर्ष प्राप्त बजट से सोलर लाइटें प्राथमिकता के आधार पर उन क्षेत्रों में लगाई जाएं जहां मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार हो रही हैं। इसके अलावा जंगल से सटे गांवों और जिले के सभी शैडो एरिया वाले क्षेत्रों को भी प्राथमिकता में रखा जाए।
बेतालघाट ट्रॉली परियोजना पर जांच के आदेश
बैठक के दौरान बेतालघाट में लोक निर्माण विभाग, रामनगर खंड द्वारा लगभग 90 लाख रुपये की लागत से निर्मित ट्रॉली का अब तक संचालन शुरू न होने और कार्य अधूरा रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को पूरे मामले की जांच कर प्रस्ताव तैयार होने से लेकर वर्तमान तक जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
20 एवं 25 सूत्रीय कार्यक्रमों में ए श्रेणी का लक्ष्य
20-सूत्री एवं 25-सूत्री कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों की प्रगति वर्तमान में डी श्रेणी में है, वे विशेष प्रयास कर स्वयं को ए श्रेणी में लाने का लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने लाभार्थी चयन में पूर्ण पारदर्शिता और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया।
15 दिन में लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यान, ग्रामीण विकास, पेयजल, सड़क, विद्युत, समाज कल्याण सहित सभी विभागों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई। जिन विभागों की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई, उन्हें विशेष अभियान चलाकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को लंबित कार्यों का कारण बताते हुए आख्या प्रस्तुत करने तथा अगले 15 दिनों के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि अगली समीक्षा बैठक में सभी अधिकारी अद्यतन आंकड़ों एवं साक्ष्यों के साथ पूरी तैयारी से उपस्थित हों।
उन्होंने दोहराया कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, परियोजना निदेशक डीआरडीए शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





