नैनीताल/हल्द्वानी, 02 सितंबर 2026।
नैनीताल जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी फीस वसूली के खिलाफ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्रवाई का बड़ा असर सामने आया है। अभिभावकों से नियमविरुद्ध वसूली गई रकम अब वापस लौटाई जा रही है। जांच में जिले के 87 निजी विद्यालयों में अतिरिक्त एवं अवैध शुल्क वसूली की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया, जिसके परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी रंजीत सिंह नेगी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अप्रैल माह के दौरान निजी विद्यालयों द्वारा वसूले जा रहे अतिरिक्त शुल्क की जांच के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान नियमों के विपरीत शुल्क वसूली का मामला सामने आया।
46 स्कूलों ने लौटाए ₹39.05 लाख!
प्रशासन की सख्ती के बाद 46 निजी विद्यालयों ने अभिभावकों को कुल ₹39,05,405 की राशि वापस कर दी है। जहां तत्काल राशि वापस करना संभव नहीं था, वहां आगामी शुल्क में समायोजन की व्यवस्था की गई।
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। अभियान के बाद 08 विद्यालयों ने नियमविरुद्ध बढ़ाई गई ट्यूशन फीस कम कर दी, जबकि 39 विद्यालयों ने मनमाने ढंग से वसूले जा रहे परीक्षा शुल्क में कटौती की है।
15 स्कूलों की रजिस्ट्रेशन फीस घटी या हुई शून्य!
जांच के दौरान सामने आया कि कई निजी विद्यालय अभिभावकों से पंजीकरण के नाम पर भी मनमाना शुल्क वसूल रहे थे। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद 15 निजी विद्यालयों ने पंजीकरण शुल्क कम कर दिया अथवा पूरी तरह शून्य कर दिया।
टीसी के नाम पर ₹1 की जगह ₹1,000 तक वसूली!
सबसे चौंकाने वाला मामला Transfer Certificate (TC) शुल्क का सामने आया। सरकार द्वारा निर्धारित टीसी शुल्क महज ₹1 होने के बावजूद कई विद्यालय अभिभावकों से ₹100 से लेकर ₹1,000 तक वसूल रहे थे।
प्रशासन के सख्त निर्देशों के बाद अब टीसी शुल्क को घटाकर ₹1 कर दिया गया है। इसके साथ ही पूर्व में अतिरिक्त वसूली गई राशि को अभिभावकों को वापस अथवा आगामी शुल्क में समायोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब नहीं मानी मनमानी तो मान्यता पर चलेगी कैंची!
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन विद्यालयों ने अब तक अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं किया है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नियमविरुद्ध फीस वसूली जारी रखने वाले विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति शासन को भेजे जाने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने दो टूक कहा कि अभिभावकों का आर्थिक शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभिभावक बेखौफ करें शिकायत
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी निजी विद्यालय द्वारा नियमविरुद्ध फीस वसूली अथवा अन्य मनमानी किए जाने की जानकारी तत्काल शिक्षा विभाग को दें।
शिकायत ceonainital11@gmail.com पर ई-मेल के माध्यम से भेजी जा सकती है। विभाग के अनुसार शिकायतकर्ता का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा और प्राप्त शिकायत पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
संदेश साफ है—निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली अब नहीं चलेगी, और अभिभावकों की जेब पर डाका डालने वालों पर प्रशासन की नजर है।





